क्या ताइवान पर हमला करने की तैयारी में चीन? सबसे बड़ी मिलिट्री ड्रिल किस ओर कर रही इशारा, छिड़ेगी जंग?

China-Taiwan Tensions: चीन ने ताइवान के चारों ओर अपनी अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ड्रिल शुरू कर दी है, जिसका नाम "जस्टिस मिशन 2025" रखा गया है.

China conducts Justice Mission 2025 drills aimed at encircling Taiwan
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China-Taiwan Tensions: चीन ने ताइवान के चारों ओर अपनी अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ड्रिल शुरू कर दी है, जिसका नाम "जस्टिस मिशन 2025" रखा गया है. इस अभ्यास का उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि यदि भविष्य में ताइवान के साथ कोई सैन्य टकराव होता है, तो चीन इस द्वीप को पूरी तरह से बाहरी दुनिया से अलग कर सकता है और उसे चारों ओर से घेर सकता है.

चीन ने चारों ओर से की ताइवान की घेराबंदी

"जस्टिस मिशन 2025" में चीन की थलसेना, नौसेना और वायुसेना की तैनाती की गई है. चीन ने ताइवान के आसपास बड़ी संख्या में सैनिकों, युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों, मिसाइल सिस्टम और तोपों को तैनात किया है. इस दौरान लाइव फायरिंग की जा रही है और ताइवान के प्रमुख बंदरगाहों को बंद करने की रणनीति पर भी अभ्यास हो रहा है. चीन की मैरीटाइम सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने ताइवान के आसपास सात समुद्री क्षेत्रों को अभ्यास क्षेत्र घोषित किया है, जहां मंगलवार तक लाइव फायरिंग होगी.

89 विमानों और 14 जहाजों की गतिविधि

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 1 जनवरी को ताइवान के आस-पास 89 चीनी विमानों, 14 जहाजों और 14 कोस्ट गार्ड बोट्स की गतिविधि देखी गई. इसके अलावा, पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में चार और चीनी युद्धपोत भी तैनात किए गए थे. चीन ने इसे एक महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास माना है, जो ताइवान के लिए एक गंभीर चेतावनी हो सकता है.

शहरी और अंतर्राष्ट्रीय परिवहन पर असर

चीन के इस सैन्य अभ्यास का असर केवल ताइवान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ा है. चीन के परिवहन मंत्रालय के अनुसार, इन अभ्यासों के कारण 1 लाख से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की उड़ानें प्रभावित हुईं हैं, साथ ही करीब 80 घरेलू उड़ानें रद्द की गईं.

सैन्य दबाव और अमेरिका का हस्तक्षेप

यह सैन्य अभ्यास चीन द्वारा ताइवान को दी गई अमेरिकी सहायता के 11 दिन बाद शुरू हुआ है. अमेरिका ने ताइवान को 11.1 अरब डॉलर का हथियार पैकेज प्रदान किया था, जिसे चीन ने अपनी सीमा का उल्लंघन मानते हुए कड़ा विरोध किया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह अभ्यास अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को एक कड़ा संदेश देने के लिए किया गया है.

नई तकनीकों का प्रदर्शन और ताइवान की प्रतिक्रिया

इस अभ्यास के दौरान, चीन ने अपने नए तकनीकी संसाधनों को भी प्रदर्शित किया, जिनमें ह्यूमनॉइड रोबोट, माइक्रो ड्रोन और हथियारों से लैस रोबोटिक कुत्ते शामिल थे. ताइवान ने चीन की इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है. ताइवान ने अपने हथियारों को भी दिखाया है, जिनमें अमेरिकी से प्राप्त HIMARS रॉकेट सिस्टम शामिल हैं, जो चीनी तटीय इलाकों को निशाना बना सकते हैं.

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