8 सालों के लंबे इतंजार के बाद चीनी सेना में हुए 5 बड़े बदलाव, जानें क्या है इसके पीछे कारण

Chinese Army Reforms: लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार, फर्जी युद्ध रिपोर्टों और अनुशासनहीनता से जूझ रही चीनी सेना को मज़बूत बनाने के लिए सरकार ने आठ साल बाद पांच बड़े सुधार लागू किए हैं.

China defence 5 major changes took place in the Chinese Army PLA know the reason behind it
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Chinese Army Reforms: लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार, फर्जी युद्ध रिपोर्टों और अनुशासनहीनता से जूझ रही चीनी सेना को मज़बूत बनाने के लिए सरकार ने आठ साल बाद पांच बड़े सुधार लागू किए हैं. बताया जा रहा है कि इन बदलावों का मकसद सेना में पारदर्शिता और कड़ाई लाना है, ताकि चीन की सैन्य क्षमता केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी उतनी ही दमदार दिखे.

चीन ने कौन-कौन से 5 अहम बदलाव किए हैं और इन सुधारों के पीछे असल वजह क्या है.

सीना में किए गए 5 बड़े बदलाव

1. फर्जी युद्ध अभ्यास पर रोक

अब सैनिकों और अधिकारियों को युद्ध क्षमता, हथियारों की संख्या या सेना की ताकत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की इजाज़त नहीं होगी. चीन लंबे समय से “नकली युद्ध” की आलोचना झेल रहा था, जिससे न सिर्फ गलत रिपोर्टिंग बढ़ी बल्कि चीन की रक्षा क्षमता की वास्तविकता भी धुंधली होती गई. नई नीति का उद्देश्य जो है, वही बताओ ताकि सेना की तस्वीर साफ और ईमानदार बनी रहे.

2. राजनीतिक बयानबाज़ी पर प्रतिबंध

अब कोई भी सैन्य अधिकारी सार्वजनिक रूप से राजनीतिक टिप्पणी नहीं कर सकेगा. इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और जांच के बाद तुरंत कार्रवाई होगी. इस बदलाव को सबसे गंभीर सुधारों में गिना जा रहा है.

3. शराबखोरी और अनाधिकृत भोज पर सख्ती

चीनी सेना में अनियंत्रित शराब सेवन और ग़ैर-आधिकारिक दावतों को भ्रष्टाचार की जड़ माना जाता था. अब इन पर पूरी तरह निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्रतिबंध भी लागू किया जाएगा. लक्ष्य-खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता लाना और अधिकारियों को लालच या जाल में फँसने से रोकना.

4. वफादारी और लागत-कुशलता को प्राथमिकता

नई नियुक्तियों में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय तक सेना के साथ टिक सकें और चीन के प्रति पूर्ण वफादार हों. साथ ही, सैन्य वेतन और संसाधनों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने पर भी जोर दिया जाएगा.

5. अधिकारियों की फिजूलखर्ची पर लगाम

मनोरंजन और व्यक्तिगत खर्चों पर नज़र रखी जाएगी. अब बड़े पदों पर बैठे अधिकारी अपने निजी ऐशो-आराम पर भारी रकम खर्च नहीं कर पाएंगे. इससे सैन्य बजट संतुलित रहेगा और संसाधनों का दुरुपयोग रुकेगा.

आख़िर चीन को ऐसे बदलाव करने की ज़रूरत क्यों पड़ी?

पिछले कुछ महीनों में चीन में सैन्य भ्रष्टाचार की कई घटनाएं सामने आई हैं. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में जहां दुनिया भर में हथियारों की बिक्री तेज़ी से बढ़ी, वहीं चीन की बाज़ार में पकड़ कमजोर पाई गई. इस गिरावट के पीछे भ्रष्टाचार, हथियारों की गुणवत्ता विवाद, और सेना के भीतर फर्जी रिपोर्टिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है.

कई वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया जा चुका है, जिनमें हाल ही में सेना के दूसरे सबसे बड़े पद पर बैठे अधिकारी भी शामिल थे. इन परिस्थितियों ने चीन को मजबूर किया कि वह PLA में व्यापक सुधार लाए.

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