बदल गया चीन का पूरा मिलिट्री सिस्टम, नेवी चीफ और सीनियर परमाणु वैज्ञानिक बर्खास्‍त, क्यों हुआ एक्शन?

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल ली हानजुन और चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन में डिप्टी चीफ इंजीनियर लियू शिपेंग को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है.

Chinas Navy chief and senior nuclear scientist dismissed
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

बीजिंग: चीन की रक्षा संरचना में एक बार फिर व्यापक फेरबदल देखने को मिला है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के चीफ ऑफ स्टाफ वाइस एडमिरल ली हानजुन और चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन में डिप्टी चीफ इंजीनियर लियू शिपेंग को नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है. यह निर्णय NPC की स्थायी समिति ने 27 जून को जारी अपने बयान में लिया.

सेना और रक्षा उद्योग में शुद्धिकरण की प्रक्रिया

बीते कई महीनों से चीन की रक्षा व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. इन बदलावों को राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. इस अभियान के अंतर्गत कई उच्च रैंकिंग सैन्य अधिकारी, रक्षा उद्योग से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ, और यहां तक कि पूर्व रक्षा मंत्री तक कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं.

हटाने के कारणों पर आधिकारिक चुप्पी

NPC ने अपने आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि ली हानजुन और लियू शिपेंग को हटाने के पीछे क्या कारण हैं. हालांकि चीन में इस तरह के निष्कासन अक्सर गंभीर अनुशासनात्मक या भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का संकेत देते हैं, भले ही सार्वजनिक रूप से विवरण न साझा किया गया हो.

केंद्रीय सैन्य आयोग में भी बदलाव

NPC स्थायी समिति ने यह भी बताया कि पूर्व शीर्ष जनरल मियाओ हुआ को केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) से हटाने के लिए मतदान किया गया है. मियाओ CMC में राजनीतिक और वैचारिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालते थे. CMC चीन की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था है, जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वयं करते हैं.

हाल के महीनों में बढ़ती कार्रवाई

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट और अन्य स्रोतों के मुताबिक, ली हानजुन चीन की सैन्य नेतृत्व में उन नए नामों में शामिल हैं, जो राष्ट्रपति शी के अभियान की चपेट में आए हैं. इससे पहले भी चीन के रक्षा मंत्री, मिसाइल बल के जनरल्स और कई वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिकों को उनके पदों से हटाया जा चुका है.

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