'आज अगर पिता होते तो...', PM मोदी के साथ तस्वीर शेयर कर जन्मदिन पर भावुक हुए चिराग पासवान

Chirag Paswan Birthday: पटना की राजनीतिक फिज़ा आज कुछ अलग ही महसूस कर रही थी. कारण था लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा और तेज़तर्रार नेता चिराग पासवान का जन्मदिन.

Chirag Paswan Birthday Shared message with pm modi pic
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Chirag Paswan Birthday: पटना की राजनीतिक फिज़ा आज कुछ अलग ही महसूस कर रही थी. कारण था लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के युवा और तेज़तर्रार नेता चिराग पासवान का जन्मदिन. लेकिन इस खुशी के मौके पर भी चिराग के शब्दों में एक भावनात्मक झंकार थी, जिसमें बेटे की आंखों से झांकता पिता का सम्मान, याद और अधूरापन साफ झलक रहा था.

शुक्रवार सुबह चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें साझा कीं, जिनमें भावनाओं का संसार सिमटा था. पहली तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पुराने साथी और दिवंगत नेता रामविलास पासवान के साथ मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. दूसरी तस्वीर में चिराग खुद प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे हैं — जैसे एक युग से दूसरे युग में यात्रा का प्रतीक बन गई हो यह तस्वीर.

“पापा हमेशा कहते थे…” बेटे की जुबां से छलका प्यार

इन तस्वीरों के साथ चिराग ने एक भावनात्मक संदेश लिखा कि पापा हमेशा कहा करते थे कि पिता के जीवन की सबसे बड़ी खुशी वो होती है, जब वह अपनी संतान को खुद से आगे बढ़ते हुए देखता है. मुझे नहीं पता कि मैं कभी पापा जैसा बन पाऊंगा या नहीं, लेकिन उनकी दी हुई सीख और आशीर्वाद के सहारे हर दिन उनके बताए रास्ते पर चलने का प्रयास कर रहा हूं. आज मैं महसूस कर रहा हूं कि अगर पापा कहीं देख रहे होंगे, तो प्रधानमंत्री जी के साथ मेरी इस तस्वीर को देखकर जरूर मुस्कुरा रहे होंगे.

“पापा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन”

उन्होंने आगे लिखा पापा की प्रेरणा और प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मैंने अब तक सिर्फ एक छोटी सी यात्रा तय की है. लेकिन जानता हूं कि पापा के सपनों को साकार करना अब मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. आज के दिन उनकी कमी बहुत खल रही है, मगर मुझे यकीन है कि उनका आशीर्वाद एक चमकते तारे की तरह हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा.”

राजनीति में पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

चिराग के इस संदेश में एक बेटे की आत्मीयता और एक नेता की प्रतिबद्धता दोनों झलकते हैं. यह सिर्फ एक जन्मदिन की पोस्ट नहीं थी, बल्कि पिता और पुत्र के रिश्ते की गहराई, राजनीति में विरासत की निरंतरता और संघर्ष की कहानी का भावनात्मक बयान था.चिराग की यह पोस्ट यह भी बताती है कि वो अपने पिता की राजनीतिक परंपरा को केवल संभाल ही नहीं रहे, बल्कि उसे नए युग की सोच और अपने प्रयासों से आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं. जिस तरह कभी प्रधानमंत्री मोदी ने रामविलास पासवान को अपना “अटूट साथी” कहा था, अब वही सम्मान धीरे-धीरे चिराग पासवान भी अर्जित करते दिख रहे हैं. मेहनत और विनम्रता के सहारे.

पिता की याद में नई शुरुआत की भावना

अपने पिता की स्मृतियों में डूबे चिराग ने आज यह साफ कर दिया कि भले ही वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, उनकी सीख और उनकी छवि आज भी उनके हर निर्णय, हर कदम और हर मुस्कान में जीवित है.

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