Venkateswara Swamy Temple Stampede: आंध्र प्रदेश के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में आज एक भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई. मृतकों में 8 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल हैं. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
मंदिर में कैसे मची भगदड़?
पुलिस का कहना है कि यह मंदिर सरकारी नहीं था. यह एक निजी मंदिर है, जिसका हाल ही में निर्माण हुआ है. बताया जा रहा है कि हादसा सीढ़ियों के पास लगी लोह की ग्रिल गिरने के कारण हुआ. लोगों का लगा कि कुछ गिर रहा है और सभी घबरा गए. पुलिस ने कहा कि कोई भगदड़ नहीं हुई. लोग 6 फीट की ऊंचाई से गिरे, इससे एक व्यक्ति दूसरे पर गिर गया और हादसा हो गया.
इस घटना पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आयोजकों ने पुलिस या स्थानीय अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुखद है कि भगदड़ में निर्दोष लोगों की जान चली गई. मैं मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. काशीबुग्गा में वेंकटेश्वर मंदिर का निर्माण एक निजी व्यक्ति ने करवाया था और कार्तिक एकादशी के कारण वहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए थे.'
सीएम ने कार्रवाई की कही बात
नायडू ने कहा, 'दुर्भाग्य से आयोजकों ने पुलिस या स्थानीय अधिकारियों को इस घटना की जानकारी नहीं दी. अगर उन्होंने हमें सूचित किया होता, तो हम पुलिस सुरक्षा प्रदान करते और भीड़ को नियंत्रित करते. इस समन्वय की कमी के कारण नौ लोगों की जान चली गई और पांच घायल हो गए.' उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी की भी जान न जाए, लेकिन निजी कार्यक्रमों में ऐसी घटनाओं का होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. इसकी पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार को हुई भगदड़ के कारण 9 लोगो की जान चली गई. बताया जा रहा है कि मंदिर पहली मंजिल पर स्थित था, जहां जाने के लिए लोग सीढ़ियों से चढ़ रहे थे. तभी लोहे की रेलिंग टूट गई और कोने में खड़े लोग नीचे गिर गए. इससे लोग घबरा गए और हादसा हो गया.
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