Akshay Kumar And Devendra Fadnavis: फिल्म-उद्योग और राजनीति के बीच अक्सर दिलचस्प बातचीत होती है. हाल ही में ऐसे ही एक मंच पर बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से FICCI Frames के 25वें संस्करण में कई मनोरंजक और सोचने-परम विषयों पर चर्चा की.
इस संवाद का स्वरूप हल्का-फुल्का लगने के बावजूद कई अहम मुद्दे सामने आए. आइए विस्तार से जानते हैं उनकी बातचीत के कुछ मुख्य अंश:
LIVE | Inauguration of 'FICCI FRAMES 2025'
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) October 7, 2025
🕦 11.35am | 7-10-2025📍Mumbai.@FICCIFRAMES#Maharashtra #Mumbai #FICCIFRAMES2025 https://t.co/34mAOYL3tI
संतरा और खाने का अंदाज
जब अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या उन्हें संतरा पसंद है और वे संतरा कैसे खाते हैं, छीलकर या जूस के रूप में, तो फडणवीस ने संतरे के खाने का एक खास तरीका बताया. उन्होंने कहा कि नागपुर संतरे अपने ओरिजनल लोगों के बीच प्रसिद्ध हैं. संतरा बिना छीले, यानी उसकी त्वचा को छीलने की बजाय, दो हिस्सों में काटा जाता है. उसके बाद उन हिस्सों पर हल्का नमक छिड़का जाता है और ऐसे ही संतरा आम की तरह नोखा जाता है. वे बताते हैं कि नागपुर के स्थानीय लोग इस तरह संतरा खाते हैं, यह सामान्य परंपरा का हिस्सा है.
‘नायक’ फिल्म: प्रेरणा और तुलना
अक्षय ने पूछा कि क्या कोई ऐसी फिल्म है जिसने फडणवीस को नेतृत्व के मामले में प्रेरित किया हो. इस पर उन्होंने ‘नायक’ फिल्म का जिक्र किया. सीएम फणडवीस ने कहा कि ‘नायक’ में अनिल कपूर एक सीएम बनते हैं और एक दिन में बहुत सारे सार्वजनिक काम करते हैं, जनता के बीच तुरन्त सुधार के काम दिखाते हैं. फडणवीस ने कहा कि लोग उनसे अक्सर यही अपेक्षा करते हैं कि वे ‘नायक’ जैसा नेतृत्व करें, जैसे एक दिन में इतने बड़े-बड़े काम कर देना.
उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अनिल कपूर से जाकर कहा कि ‘नायक’ जैसी फिल्म बनाने से लोगों ने नेता और आम आदमी के बीच की अपेक्षाएं बदल दी हैं, लोग सोचने लगे हैं कि नेता को हर दिन ऐसा करना चाहिए जैसा फिल्म में दिखाया गया है. इस तरह ‘नायक’ फिल्म ने संवेदनशील जनता की अपेक्षाओं को बढ़ाया है, एक तरह से नेतृत्व के आदर्श पूर्ति की कसौटी बनी है.
महाराष्ट्र पुलिस और उन्हें आसान ज़िन्दगी देने की पहल
अक्षय कुमार और फडणवीस के बीच हुई बातचीत में एक व्यावहारिक मुद्दा भी सामने आया और वो था, पुलिस बल के पहनावे व जूतों का डिज़ाइन. अक्षय ने बताया कि एक्शन हीरो होने के नाते उन्हें लगता है कि "हील" (heel) वाले जूते पुलिस अधिकारियों के लिए चलने-भागने में असहजता पैदा करते हैं. अगर पुलिसकर्मियों के जूते आरामदायक हों, तो दौड़ना, हिस्सा लेना, बचाव कार्य करना आदि आसान होगा.
फडणवीस ने इस बात से सहमति जताई और अक्षय से अनुरोध किया कि वह एक उपयुक्त डिज़ाइन या इनोवेशन सुझाएँ जो पुलिस जूतों की बनावट और उपयोगिता में सुधार कर सके. अक्षय ने आश्वासन दिया कि वह एक “ब्राउन जूता” डिजाइन तैयार करेंगे और मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजेंगे, जिससे महाराष्ट्र पुलिस तेज़ी से चल सके, काम में सुविधा हो और समाज में अपराधियों के लिए पुलिस की पकड़ मजबूत हो.
साइबर क्राइम: पर्दे पर ज्वलंत विषय
यह बातचीत मनोरंजन व सामान्य सवालों तक सीमित नहीं रही, अक्षय व फडणवीस ने साइबर क्राइम और डिजिटल सुरक्षा पर भी चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर क्राइम एक “भयानक मामला” है, जिसे फिल्मों में पर्याप्त रूप से नहीं दिखाया गया है.
उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि आने वाली फिल्मों में हीरो का चित्रण ऐसा हो कि वह साइबर अपराध, डेटा चोरी, ऑनलाइन धोखों आदि को रोकने की कोशिश करता हुआ दिखे. फडणवीस ने सुझाव दिया कि डिजिटल वारफ़ेयर या साइबर वॉर जैसे विषयों को बड़े पैमाने पर फ़िल्मों में उठाया जाना चाहिए ताकि जनता को जागरूकता हो और समाज में बदलाव आए.
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