सीरियल ब्लास्ट से दहला कोलंबिया, पुलिस स्टेशनों को बनाया गया निशाना; 24 बार किया अटैक

कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित कैली शहर और काउका प्रांत में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया है.

Colombia rocked by serial blasts police stations targeted
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित कैली शहर और काउका प्रांत में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया है. इन हमलों में कम से कम सात लोग मारे गए, जिनमें दो पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं. साथ ही 28 से अधिक लोग घायल हुए हैं. कोलंबियाई सेना और पुलिस ने इन हमलों को आतंकवादी हमला बताया है, जिसका मुख्य लक्ष्य पुलिस बल था.

24 जगहों पर हुए हमले, विद्रोही समूहों का आरोप

राष्ट्रीय पुलिस के मुताबिक, इन हमलों की श्रृंखला में देश के 24 अलग-अलग इलाकों में कार बम विस्फोट, हथियारबंद हमले और विस्फोटक उपकरण फेंकने की घटनाएं हुईं. सेना और पुलिस के प्रवक्ता ने इन हमलों के पीछे ‘एस्टाडो मेयर सेंट्रल-फार्क’ समूह का हाथ बताया है, जो 2016 में शांति समझौते के बाद अलग हुए विद्रोही पूर्व सदस्यों का संगठन है.

विद्रोही समूह का बयान और शांति प्रक्रिया पर आरोप

हालांकि इस समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है. उन्होंने सरकार पर शांति प्रक्रिया का सम्मान न करने का आरोप लगाया है और आम जनता से हिंसा से बचने की अपील की है. उनका कहना है कि वे इस हिंसा के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि सरकार की नीतियों ने उन्हें मजबूर किया है.

विद्रोहियों का हताश कदम

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कोलंबिया के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को सेना और पुलिस की कड़ी कार्रवाइयों के खिलाफ अवैध सशस्त्र समूहों की हताश प्रतिक्रिया बताया है, जिन्होंने इनके अवैध नेटवर्क और आर्थिक आधार को नुकसान पहुंचाया है.

राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर जानलेवा हमला और धमाकों का संबंध

कैली के मेयर के अनुसार, मंगलवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर विस्फोटक उपकरण फटे. विद्रोहियों ने पुलिस थानों के पास खड़ी गाड़ियों में बम रखे थे. यह हमले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सीनेटर मिगुएल उरीबे पर हुए जानलेवा हमले के कुछ ही दिन बाद हुए हैं. उरीबे पर राजधानी बोगोटा में एक कार्यक्रम के दौरान गोली चलाई गई थी, और वे अब भी अस्पताल में गंभीर हालत में हैं.

कोलंबिया के लिए सुरक्षा चुनौती बनी हिंसक घटनाएं

इन हमलों ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है और विद्रोही गतिविधियों की जटिलता को सामने रखा है. सरकार और सुरक्षा बलों के लिए अब इन चुनौतियों से निपटना बड़ी प्राथमिकता बन गई है.

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