5 लाख रुपए और पिस्तौल... राजा हत्याकांड का ग्वालियर से क्या कनेक्शन, कौन है सोनम की मदद करने वाला लोकेंद्र तोमर?

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक महीना बीत जाने के बाद भी इस मामले में नए-नए किरदार सामने आ रहे हैं. अब शिलांग पुलिस की जांच की सुई ग्वालियर के नामी बिल्डर लोकेंद्र सिंह तोमर पर आकर टिक गई है.

connection of Rs 5 lakh and pistol in Raja Raghuvanshi murder case with Lokendra Tomar of Gwalior
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Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक महीना बीत जाने के बाद भी इस मामले में नए-नए किरदार सामने आ रहे हैं. अब शिलांग पुलिस की जांच की सुई ग्वालियर के नामी बिल्डर लोकेंद्र सिंह तोमर पर आकर टिक गई है. पुलिस ने ग्वालियर से लोकेंद्र को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

किरदारों की कड़ी में जुड़ा एक और नाम

अब तक इस केस में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके प्रेमी और तीन अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. लेकिन लोकेंद्र सिंह तोमर का नाम तब सामने आया जब SIT ने शिलोम जेम्स से पूछताछ की. उसी के बयान के आधार पर लोकेंद्र का नाम उछला. पुलिस के मुताबिक, सोनम का बैग जलाने की सलाह लोकेंद्र ने ही दी थी, जिसमें कथित रूप से 5 लाख रुपये और एक पिस्तौल मौजूद थी.

कौन है लोकेंद्र सिंह तोमर?

लोकेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर के गांधीनगर स्थित NK प्लाज़ा में फ्लैट नंबर 105 में रहता है और एक बिल्डर है. पहले ग्वालियर में काम करता था लेकिन काम में सफलता मिलने के बाद इंदौर शिफ्ट हो गया. इंदौर में जिस बिल्डिंग में सोनम ने हत्या के बाद पनाह ली थी, वो बिल्डिंग भी लोकेंद्र की ही है, जो उसने शिलोम जेम्स को किराए पर दी थी.

5 लाख और हथियार का रहस्य

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि बैग में रखे पैसे और पिस्तौल कहां गए? क्या वो जल गए या कहीं छुपा दिए गए? पुलिस का मानना है कि लोकेंद्र इस बारे में कुछ छुपा रहा है. इसी कारण उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर शिलांग पुलिस ने हिरासत में लिया है.

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई कैमरे में कैद

क्राइम ब्रांच की टीम ने गांधी नगर के NK प्लाज़ा में छापा मारकर लोकेंद्र को पकड़ा. घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें टीम एक महिला अफसर के साथ उसे ले जाती दिख रही है. इमारत का गार्ड और पड़ोसी भी बताते हैं कि लोकेंद्र कभी-कभी परिवार से मिलने आता था और उसी मल्टी का अध्यक्ष भी था. इस हत्याकांड की जांच अभी थमी नहीं है. पुलिस को शक है कि लोकेंद्र सिर्फ एक कड़ी नहीं बल्कि एक अहम प्लानर भी हो सकता है. आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं.

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