इस्लामाबाद: पाकिस्तान में एक नया ऑनलाइन डेटिंग रियलिटी शो 'लजावल इश्क' रिलीज़ से पहले ही विवादों में घिर गया है. शो का प्रोमो सामने आते ही धार्मिक संगठन, सोशल मीडिया यूज़र्स और समाज के रूढ़िवादी वर्ग इसकी आलोचना में उतर आए हैं. आलोचकों का कहना है कि यह शो इस्लामी मूल्यों और पाकिस्तानी संस्कृति के खिलाफ है.
शो के विरोध में ऑनलाइन मुहिम चल रही है, हैशटैग #BoycottLazawalIshq ट्रेंड कर चुका है, और अब यह मामला सिर्फ एक शो की रिलीज़ का नहीं, बल्कि पाकिस्तान में सामाजिक मूल्यों बनाम आधुनिक मनोरंजन के संघर्ष का प्रतीक बन गया है.
क्या है 'लजावल इश्क' शो?
'लजावल इश्क' एक ऑनलाइन रियलिटी डेटिंग है, जिसे 29 सितंबर को यूट्यूब पर लॉन्च किया जाना है. यह शो पाकिस्तानी अभिनेत्री और मॉडल आयशा उमर द्वारा होस्ट किया जाएगा. इसका निर्माण और फिल्मांकन तुर्की के इस्तांबुल शहर में एक भव्य विला में किया गया है.
शो की संकल्पना कुछ हद तक इंटरनेशनल डेटिंग रियलिटी शोज़ जैसे ‘लव आइलैंड’ (Love Island) और ‘आश्क अदासी’ से प्रेरित है. इसमें चार पुरुष और चार महिलाएं एक ही घर में साथ रहेंगे, विभिन्न रोमांटिक और मनोरंजक टास्क में हिस्सा लेंगे, और समय के साथ दोस्ती, रोमांस और भावनात्मक रिश्ते विकसित होंगे.
शो के अंत में एक कपल को विजेता घोषित किया जाएगा. इस पूरे सफर को 100 एपिसोड की सीरीज में दिखाया जाएगा.
धार्मिक संगठनों की आपत्ति: इस्लामिक मूल्यों पर हमला
शो की घोषणा के बाद सबसे तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान के धार्मिक संगठनों और कट्टरपंथी तबकों से आई. उनका कहना है कि यह शो पश्चिमी संस्कृति की नकल है, जो इस्लामी शरीयत के बिल्कुल खिलाफ है.
Pakistan's first Dating reality show - "Lazawal Ishq" hosted by Ayesha Omar to be aired soon.
— Trusfrated Noona (@KontentChingu) September 15, 2025
Shot in Turkiye. Why not in Pakistan if its for conservative Pakistani society? Audience won't accept it I guess. pic.twitter.com/XUFU4zqyEL
इस्लामी विद्वानों और मौलवियों का मानना है कि किसी भी महिला और पुरुष का बिना निकाह एक साथ रहना इस्लाम में हराम है. वे इस शो को "गुनाह को सार्वजनिक रूप से दिखाने की कोशिश" मानते हैं.
एक प्रमुख धार्मिक संगठन के प्रवक्ता ने कहा, "यह शो हमारे पारिवारिक और धार्मिक मूल्यों के लिए खतरा है. यह मुस्लिम युवाओं को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश है, और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे."
कुछ धार्मिक समूहों ने इस शो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी है.
सोशल मीडिया पर नाराज़गी और बॉयकॉट की मांग
शो का प्रोमो 15 सितंबर को जैसे ही यूट्यूब पर अपलोड हुआ, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. बड़ी संख्या में लोगों ने इसे "गैर-इस्लामिक, अश्लील और अनैतिक" करार दिया.
यूट्यूब कमेंट्स और फेसबुक पोस्ट्स में भी हज़ारों लोगों ने शो के विरोध में अपनी राय रखी.
PEMRA की प्रतिक्रिया: हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर
पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी (PEMRA) ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. चूंकि 'लजावल इश्क' किसी टेलीविजन चैनल पर नहीं, बल्कि यूट्यूब जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हो रहा है, PEMRA ने साफ कर दिया कि उसका इस पर कोई नियंत्रण नहीं है.
PEMRA के प्रवक्ता मुहम्मद ताहिर ने बयान जारी कर कहा, "यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज़ होने वाले कंटेंट पर हमारा कोई रेगुलेटरी कंट्रोल नहीं है. लोग इस तथ्य से अनजान हैं कि डिजिटल मीडिया को अलग नीति के तहत देखा जाता है."
यह बयान आने के बाद शो के विरोध में लगे लोगों में और गुस्सा देखा गया, क्योंकि उन्हें लगा कि इस तरह का कंटेंट बिना किसी निगरानी के युवाओं तक पहुंच सकता है.
आयशा उमर ने कहा- सच्चे रिश्तों की खोज का शो है
शो की मेज़बान और जानी-मानी अभिनेत्री आयशा उमर ने आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि 'लजावल इश्क' एक "अलग तरह का, भावनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से संवेदनशील शो" है.
उन्होंने कहा कि यह शो प्रेम, दोस्ती और आत्म-खोज के सफर को दर्शाता है. उन्होंने इस बात को नकारा कि यह किसी भी तरह से ‘लव आइलैंड’ की नकल है.
आयशा उमर ने कहा, हमने शो को पाकिस्तानी दर्शकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है. यह शो रोमांस और ड्रामा के साथ-साथ इंसानी रिश्तों की गहराई भी दिखाएगा. यह सिर्फ शो नहीं, एक सोशल एक्सपेरिमेंट है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शो की प्रस्तुति में ऐसा कोई कंटेंट नहीं होगा जो खुले तौर पर अश्लील या इस्लामी नियमों के विरुद्ध हो.
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