COVID-19 Guideline: कोरोना की जब पहली लहर आई थी तो लोगों ने कई सावधानियां बरती थीं. इनमें मास्क लगाना, हाथों को सैनेटाइज करना शामिल थे. सोशल डिस्टेंसिंग को भी भूला नहीं जा सकता. अब यही सब एक बार फिर से सुनाई देने लगा है. ऐसा इसलिए क्योंकि देश में कोरोना ने एक बार फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है. ऐसे में ये सवाल एक बार फिर से सामने आता है कि क्या इस लहर में भी सतर्कता की जरूरत है? क्या एक बार फिर से मास्क लगाना पड़ेगा? क्या एक बार फिर स्कूल से लेकर ऑफिस बैग या फिर महिलाओं के पर्स में सैनेटाइजर भी जगह लेगा? आज हम आपके इन्हीं सब सवालों के जवाब देने आए हैं. चलिए विस्तार से जानते हैं.
यह सावधानियां बरतें
अपने परिवार को कौन नहीं खुश देखना चाहता? परिवार के स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहते हैं, तो बेशक आपको इन सावधानियों का पालन करना होगा. अपने रोजाना के दिनचर्या में मास्क को एक बार फिर से हिस्सा बना लीजिए. यानी एक आदत बना लेंगे तो सेफ रहेंगे. खास तौर पर पब्लिक प्लेस जैसे मॉल, बाजार या फिर अस्पताल जैसी जगहों पर यह सावधानियां जरूरी हैं. यदि आप मास्क पहनेंगे तो आप खुद के साथ-साथ दूसरों को भी इस बीमारी के संक्रमण से बचा पाएंगे.
हाथों को साफ रखें
जैसा की पहले भी सुना है कि वायरस गंदे किटाणुओं से जल्दी फैलता है. आपके हाथों में किस तरह के जर्म्स है यह कोई नहीं जानता. अब ऐसे में इससे बचने के लिए अपने हाथों को साफ रखना बेहद जरूरी है. खासतौर पर जब महामारी जैसी स्थिति देश में हो. इसलिए हाथ धोने की आदत को कभी न छोड़ें. साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक हाथ धोना या अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करना हर बार ज़रूरी है, खासतौर पर बाहर से लौटने पर और खाने से पहले.
सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें
कोरोना की पहली लहर जब देश में आई थी उस समय देशवासियों की जुबां पर एक शब्द सोशल डिस्टेंसिंग रट्ट चुका था. कोई भूलता भी कैसे? क्योंकि जान का सवाल था. इसमें हमें भीड़ वाले इलाकों से दूरी बनाकर रखना होता था.
पार्क, मेट्रो, ऑफिस या कोई भी सार्वजनिक जगह—भीड़ से थोड़ा दूरी बनाए रखना समझदारी है. यह एक सरल सी प्रैक्टिस है, लेकिन संक्रमण रोकने में बेहद असरदार.
4 लक्षणों को हल्के में न लें
बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखें तो इसे आम सर्दी समझकर टालें नहीं. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और घर में ही आराम करें. दूसरों से दूरी बनाए रखें ताकि संक्रमण न फैले. अगर आपने अभी तक बूस्टर डोज़ नहीं ली है, तो देर न करें. बच्चों के वैक्सीनेशन पर भी ध्यान दें. वैक्सीन संक्रमण को रोकने में तो मददगार है ही, साथ ही अगर संक्रमण हो भी जाए तो उसके प्रभाव को कम कर सकती है.
डिस्क्लेमर: यह लेख आम जानकारी पर आधारित है. किसी भी सलाह को अपनाने से पहले डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.
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