Pakistan Navy Operation Sindoor: पाकिस्तान की नौसेना, जो हमेशा अपने 'जवाबी हमले' के दावे करती रही, अब बेनकाब हो गई है. ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों ने वो सच सामने ला दिया है, जिसे पाकिस्तान ने छुपाने की पूरी कोशिश की. दरअसल, मई में जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान पर कार्रवाई की, उसी दौरान पाकिस्तान की नौसेना कराची से चुपचाप खिसक गई थी.
ये तस्वीरें साबित करती हैं कि पाकिस्तान न सिर्फ़ अपने युद्धपोतों को कराची से हटाकर सुरक्षित ठिकानों पर ले गया, बल्कि कुछ जहाज़ों को कॉमर्शियल टर्मिनलों में छिपा दिया और बाकी को ईरान की सीमा की तरफ खिसका दिया.
कराची पोर्ट से क्यों डरी पाकिस्तान नेवी?
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि पाकिस्तान के फ्रंटलाइन वॉरशिप्स कराची में मौजूद नहीं थे. उन्हें या तो 100 किलोमीटर दूर ग्वादर की तरफ भेजा गया था या फिर कराची के कार्गो पोर्ट पर खड़ा कर दिया गया था. वजह साफ थी, पाकिस्तान को डर था कि भारत 1971 की तरह कराची पोर्ट पर विनाशकारी हमला कर सकता है.
इंडिया टुडे की जांच में बड़ा खुलासा
इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि जब भारत ने 6-7 मई की रात पीओके और पंजाब में आतंकी ठिकानों पर हमला किया, तो 8 मई को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान की नेवल बेस से मुख्य युद्धपोत गायब पाए गए. तीन बड़े युद्धपोत कराची के कॉमर्शियल कार्गो पोर्ट में एक साथ दिखाई दिए. एक और जहाज़ कराची के दूसरे कार्गो टर्मिनल में खड़ा मिला. यानी पाकिस्तान ने अपनी नौसेना को खुली जंग से पहले ही छुपा दिया था.
भारतीय नौसेना का दबदबा
भारतीय नौसेना ने उस दौरान अरब सागर को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था. एयरक्राफ्ट कैरियर और पूरे फ्लीट पाकिस्तान पर हमले के लिए तैयार थे. इस दबाव ने पाकिस्तान की असलियत उजागर कर दी. पाकिस्तान लगातार "जवाबी कार्रवाई" का दावा करता रहा, लेकिन हकीकत यह थी कि वह भारत की कार्रवाई से डरकर पीछे हट चुका था.
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