Bihar Illegal Mining: बिहार में बालू, गिट्टी और मिट्टी के अवैध खनन पर अब सरकार और सख्ती करने जा रही है. राज्य सरकार ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए बिहार खनिज नियमावली 2019 में बड़ा बदलाव किया है.
नई नियमावली अब राज्य में लागू कर दी गई है. इसके तहत अवैध खनन और परिवहन करने वालों पर 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
अवैध कारोबार रोकने के लिए कड़े कदम
खान एवं भू-तत्व विभाग लगातार अवैध खनन के खिलाफ अभियान चला रहा है. सरकार का कहना है कि नई नियमावली का मकसद इस कारोबार पर और कड़ी निगरानी रखना है. नए नियमों के मुताबिक अब जो व्यक्ति खनिज का कारोबार करेगा, उसे खनिज पट्टा नहीं दिया जाएगा.
एक व्यक्ति को सीमित क्षेत्र ही मिलेगा
सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी एक बंदोबस्तधारी को 200 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र खनन के लिए नहीं दिया जाएगा. अगर किसी बालू घाट के 500 मीटर के दायरे में अवैध खनन की जानकारी मिलती है, तो बंदोबस्तधारी को इसकी सूचना सरकार को देनी होगी. ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.
CCTV और GPS सिस्टम जरूरी
सरकार ने खनन क्षेत्रों में CCTV कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा और GPS सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है. CCTV का रिकॉर्ड कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके.
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
विभाग ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. अवैध खनन या नियम तोड़ने पर 1 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा बिना ढके वाहनों में बालू या अन्य खनिज ले जाने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है. ट्रैक्टर पर 5 हजार रुपये और बड़े वाहनों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
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