Ishan Kishan T20 World Cup: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. 15 खिलाड़ियों के इस स्क्वॉड में कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उस खिलाड़ी की हो रही है, जिसने पिछले करीब दो साल से भारत के लिए कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला था, इसके बावजूद उसे वर्ल्ड कप टीम में जगह दी गई है.
यह वापसी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह खिलाड़ी न तो हाल के समय में टीम इंडिया का हिस्सा रहा है और न ही बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल है. इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया.
🚨India’s squad for ICC Men’s T20 World Cup 2026 announced 🚨
— BCCI (@BCCI) December 20, 2025
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दो साल बाद टीम इंडिया में लौटे ईशान किशन
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी हुई है. ईशान किशन ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वह टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे.
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनके बल्ले ने ऐसा तूफान मचाया कि चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया. खास तौर पर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन उनकी वापसी की सबसे बड़ी वजह बना.
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में किया रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
झारखंड के कप्तान ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में जबरदस्त बल्लेबाजी की. उन्होंने 10 मैचों की 10 पारियों में 2 शतक और 2 अर्धशतक की मदद से कुल 517 रन बनाए.
इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 197.32 का रहा, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास माना जाता है. ईशान के बल्ले से टूर्नामेंट में 33 छक्के और 51 चौके निकले, जिसने विपक्षी टीमों के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया.
झारखंड को दिलाया ऐतिहासिक खिताब
ईशान किशन का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा. उनकी कप्तानी और विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर झारखंड ने पहली बार सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया.
फाइनल मुकाबले में भी ईशान किशन ने शानदार शतक जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई. इस पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान पूरी तरह उनकी ओर खींच लिया और यहीं से टीम इंडिया में उनकी वापसी की राह साफ हो गई.
क्यों टीम से बाहर हो गए थे ईशान किशन?
ईशान किशन के करियर में यह उतार-चढ़ाव साल 2023 के साउथ अफ्रीका दौरे से शुरू हुआ. वह इस दौरे पर टीम इंडिया का हिस्सा थे, लेकिन व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने टेस्ट सीरीज से खुद को अलग कर लिया था.
इसके बाद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में भी हिस्सा नहीं लिया और घरेलू क्रिकेट से दूरी बना ली. इस फैसले को बीसीसीआई ने अनुशासनहीनता के तौर पर देखा, जिसके चलते उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची से बाहर कर दिया गया.
घरेलू क्रिकेट से की दमदार वापसी
सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट गंवाने और टीम से बाहर होने के बाद ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट को ही अपनी वापसी का रास्ता बनाया. उन्होंने लगातार मैच खेले, रन बनाए और फिटनेस पर भी पूरा ध्यान दिया.
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन इस बात का सबूत बना कि वह अब पूरी तरह तैयार हैं और बड़े मंच पर खेलने की क्षमता रखते हैं. इसी निरंतरता और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा दोबारा जीत लिया.
चयनकर्ताओं का बड़ा संदेश
ईशान किशन की वापसी यह साफ संकेत देती है कि टीम इंडिया में दरवाजे कभी पूरी तरह बंद नहीं होते. अगर कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करता है और अपनी गलतियों से सीखता है, तो उसे दोबारा मौका मिल सकता है.
टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले ईशान किशन की वापसी टीम इंडिया को एक आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज का विकल्प देती है, जो मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल सकता है.
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