Yuzvendra Chahal Illnes: भारतीय क्रिकेट टीम से लंबे समय से बाहर चल रहे स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इस वक्त अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. एक ओर जहां टीम इंडिया में वापसी के रास्ते फिलहाल मुश्किल नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर निजी जिंदगी में भी उन्हें कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच अब उनकी सेहत से जुड़ी एक गंभीर खबर सामने आई है, जिसने फैंस की चिंता बढ़ा दी है.
युजवेंद्र चहल एक साथ डेंगू और चिकनगुनिया जैसी दो खतरनाक वायरल बीमारियों की चपेट में आ गए हैं. इन दोनों बीमारियों के कारण उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई, जिसकी वजह से वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके. यह टूर्नामेंट उनके लिए घरेलू क्रिकेट में खुद को फिर से साबित करने का अहम मौका माना जा रहा था.
Wishing my team Haryana all the very best for the SMAT finals. I wished to be a part of the team but unfortunately I am down with dengue and chikungunya, which have really taken a toll on my health.
— Yuzvendra Chahal (@yuzi_chahal) December 18, 2025
The doctors have asked to focus only on rest and recovery.
I’ll be back to the…
फाइनल मुकाबले से रहे बाहर
गुरुवार, 18 दिसंबर, को पुणे में हरियाणा और झारखंड के बीच सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला गया. इस अहम मैच में हरियाणा की टीम खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी, लेकिन टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाजों में शामिल चहल प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे.
हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब चहल इस टूर्नामेंट में मैच से बाहर रहे हों. इससे पहले भी वह कुछ मुकाबलों में नहीं खेले थे, लेकिन तब उनकी गैरमौजूदगी की असली वजह साफ नहीं हो पाई थी.
चहल ने खुद किया खुलासा
फाइनल के दिन चहल ने खुद सामने आकर बताया कि वह डेंगू और चिकनगुनिया दोनों से जूझ रहे हैं. इन बीमारियों के कारण कमजोरी, तेज बुखार और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं होने की वजह से उनके लिए मैदान पर उतरना संभव नहीं था. टीम मैनेजमेंट ने भी खिलाड़ी की सेहत को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आराम देने का फैसला किया.
घरेलू क्रिकेट में वापसी की उम्मीद
चहल के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 काफी अहम मानी जा रही थी, क्योंकि वह घरेलू क्रिकेट के जरिए राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह तलाश रहे थे. हरियाणा की ओर से खेलते हुए वह अपनी फॉर्म और अनुभव से टीम को मजबूती दे रहे थे, लेकिन बीमारी ने उनके इस अभियान पर ब्रेक लगा दिया.