दीपिंदर गोयल ने ज़ोमैटो के CEO पद से दिया इस्तीफा, जानें अब किसे मिली कंपनी की कमान

Deepinder Goyal Resigns: भारत की फूडटेक और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आई है. ज़ोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

Deepinder Goyal resigns post of CEO of Eternal Zomato command Blinkit founder CEO Albinder Dhindsa
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Deepinder Goyal Resigns: भारत की फूडटेक और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आई है. ज़ोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी में इस बदलाव की पुष्टि की गई है. यह फैसला न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी अहम माना जा रहा है. Eternal ने साफ किया है कि यह नेतृत्व परिवर्तन 1 फरवरी से प्रभावी होगा.

कंपनी ने ऐलान किया है कि अब Eternal की कमान ब्लिंकिट के फाउंडर और सीईओ अलबिंदर ढिंडसा संभालेंगे. दीपिंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को लिखे अपने पत्र में भरोसा जताया कि ढिंडसा कंपनी को आगे ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण के बाद उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में अलबिंदर की भूमिका बेहद अहम रही है, जिससे उनकी लीडरशिप क्षमता साफ झलकती है. अब कंपनी के रोजमर्रा के फैसलों और ऑपरेशंस की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के हाथ में होगी.

इस्तीफे के पीछे की सोच

दीपिंदर गोयल ने अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि हाल के समय में उनका झुकाव ऐसे नए विचारों की ओर बढ़ गया है, जिनमें ज्यादा जोखिम और प्रयोग शामिल हैं. उनके मुताबिक, इस तरह के एक्सपेरिमेंट किसी पब्लिक कंपनी के ढांचे में रहकर करना मुश्किल होता है. इसी वजह से उन्होंने CEO पद छोड़ने का फैसला लिया, ताकि वह नए और अनछुए क्षेत्रों में स्वतंत्र होकर काम कर सकें. गोयल ने यह भी साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह से सोच-समझकर लिया गया है.

ESOP और कंपनी स्ट्रक्चर में बदलाव

इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ कंपनी के आंतरिक ढांचे में भी कुछ बदलाव होंगे. Eternal ने जानकारी दी है कि दीपिंदर गोयल को मिलने वाले जो स्टॉक ऑप्शंस अभी तक वेस्ट नहीं हुए थे, वे अब वापस कंपनी के ESOP पूल में शामिल कर दिए जाएंगे. इससे कंपनी के भविष्य के टैलेंट और लीडरशिप प्लानिंग को और मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है.

ज़ोमैटो से Eternal तक का सफर

दीपिंदर गोयल ने साल 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर ज़ोमैटो की नींव रखी थी. उस समय कंपनी का नाम Foodiebay था और यह एक साधारण रेस्टोरेंट मेन्यू और रिव्यू प्लेटफॉर्म हुआ करता था. समय के साथ इसने खुद को बदला और भारत की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों में से एक बन गई. बाद में ज़ोमैटो ने क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में कदम रखते हुए ब्लिंकिट का अधिग्रहण किया और खुद को एक मल्टी-वर्टिकल प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया.

अब किन प्रोजेक्ट्स पर रहेगा गोयल का फोकस

पिछले एक साल के दौरान दीपिंदर गोयल ने Eternal से बाहर कई नए और अलग तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया है. उन्होंने डीपटेक, लॉन्गेविटी यानी लंबी उम्र से जुड़ी रिसर्च और पर्सनल रिसर्च आधारित वेंचर्स में सक्रिय रूप से निवेश किया है. गोयल ने LAT Aerospace नाम के स्टार्टअप में करीब 20 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. इसके अलावा उन्होंने Continue नाम से हेल्थ और वेलनेस से जुड़ा एक प्रोजेक्ट शुरू किया और हाल ही में Temple नाम का एक नया डिवाइस भी पेश किया है, जो दिमाग में ब्लड फ्लो को मॉनिटर करता है.

Eternal के भविष्य पर सबकी नजर

दीपिंदर गोयल का CEO पद से हटना एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है, लेकिन साथ ही यह Eternal के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी है. अलबिंदर ढिंडसा के नेतृत्व में कंपनी किस दिशा में आगे बढ़ेगी, इस पर निवेशकों और इंडस्ट्री की खास नजर रहेगी. वहीं गोयल का नए और रिस्क से भरे आइडियाज की ओर रुख करना यह संकेत देता है कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में आने वाले समय में कई नई और अनोखी पहल देखने को मिल सकती हैं.

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