दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. 10 नवंबर की शाम हुए इस धमाके ने राजधानी को दहला दिया था, और अब पहली बार आरोपी डॉ. उमर उन नबी की मौजूदगी वाला एक वीडियो सामने आया है. इस सीसीटीवी फुटेज में उमर को धमाके से कुछ घंटे पहले तुर्कमान गेट मस्जिद में टहलते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यही वो आखिरी पल थे जब उमर जिंदा देखा गया.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो धमाके के दिन यानी 10 नवंबर का है. इसमें उमर दिल्ली के पुराने इलाके में स्थित तुर्कमान इलाही मस्जिद के भीतर दाखिल होता दिखाई देता है. बताया जा रहा है कि वह करीब 10 मिनट तक मस्जिद के अंदर रहा. उसके बाद वह बाहर निकलता है और अपनी सफेद कार में बैठकर सीधे लाल किले की ओर रवाना हो जाता है. शाम 7 बजे के करीब उसी कार में हुआ विस्फोट दिल्ली की शांति को हिला गया.
उमर की गाड़ी 50 से ज्यादा सीसीटीवी में कैद
जांच एजेंसियों ने अब तक 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिनमें उमर की गाड़ी की हर मूवमेंट दर्ज है.पुलिस की ट्रैकिंग के अनुसार, उमर ने फरीदाबाद से दिल्ली में एंट्री ली थी और उसके बाद साउथ-ईस्ट दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली होते हुए कई इलाकों में घूमता रहा. वह अशोक विहार में कुछ देर रुका, फिर सेंट्रल दिल्ली लौटा और वहां एक मस्जिद गया. इसी के बाद उसकी गाड़ी लाल किले के पार्किंग एरिया में पहुंची, जहां से कुछ घंटों बाद धमाका हुआ.
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर
— Bharat 24 - Vision Of New India (@Bharat24Liv) November 13, 2025
पुलिस के पास उमर की 50 लोकेशन के CCTV फुटेज
उमर ने दिल्ली में कई इलाकों के चक्कर लगाए थे
3 बजे से पहले दिल्ली में कई जगहों के चक्कर लगाए थे
साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में कई जगह देखा गया उमर
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में भी… pic.twitter.com/XrUzDebww0
धमाके से पहले नमाज अदा कर रहा था उमर
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, उमर धमाके से पहले आसफ अली रोड स्थित मस्जिद में भी गया था.वह दोपहर करीब 3:19 बजे सुनहरी मस्जिद के पास अपनी कार पार्क करता है और वहां लगभग तीन घंटे तक ठहरता है. बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने नमाज अदा की और उसके बाद लाल किला की दिशा में निकल गया.
डीएनए टेस्ट से हुई उमर की पहचान
धमाके के बाद जो शव बरामद हुआ था, उसकी हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था. पुलिस ने शव से लिए गए सैंपल का डीएनए टेस्ट कराया, जिसे आरोपी उमर की मां के सैंपल से मिलाया गया. रिपोर्ट्स ने इस बात की पुष्टि की कि धमाके में मारा गया व्यक्ति वही डॉ. उमर उन नबी था — वही शख्स जिसने इस पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाया.
रहस्यमयी थी उमर की जिंदगी
सूत्रों का कहना है कि उमर की जिंदगी रहस्यों से भरी थी. वह लंबे वक्त तक घर से गायब रहता, मोबाइल बंद रखता और अपने परिवार से किसी भी तरह का संपर्क नहीं करता था. वह खुद को “बहुत जरूरी कामों में व्यस्त” बताकर गायब हो जाता था. परिवार का कहना है कि उसने आखिरी बार सोमवार को घर लौटने का वादा किया था, लेकिन उसी शाम दिल्ली में बम धमाका हो गया.
प्रोफेसर से आतंकी तक का सफर
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. उमर उन नबी दिखने में एक पढ़े-लिखे, शालीन व्यक्ति की तरह था. लेकिन जांच में सामने आया कि वह काफी समय से कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में था. पुलिस का मानना है कि उमर ने “डॉक्टर” की आड़ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई थी.
जांच एजेंसियों की फॉरेंसिक टीम जुटी सबूतों में
फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और NIA मिलकर इस पूरे केस की जांच कर रही हैं.CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि उमर के संपर्कों और उसके नेटवर्क का पूरा खुलासा हो सके. जांच टीमों का कहना है कि यह हमला किसी अकेले व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित आतंकी मॉड्यूल सक्रिय था.
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