नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए 17 सितंबर का दिन विकास और बदलाव की दिशा में एक बड़ा पड़ाव साबित हुआ. त्यागराज स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राजधानी को 17 नई योजनाओं की सौगात दी गई. मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आने वाले 15 दिनों में कुल 75 योजनाएं जनता को समर्पित की जाएंगी.
"सेवा पखवाड़ा" के साथ सेवा और विकास का मेल
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को याद करते हुए कहा कि वो सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं, यही वजह है कि हर साल उनका जन्मदिन "सेवा पखवाड़ा" के रूप में मनाया जाता है. इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने इस वर्ष इसे विकास के कार्यों से जोड़कर खास बना दिया.
केंद्र से मिला सहयोग बना तरक्की का आधार
सीएम रेखा गुप्ता ने गृह मंत्री अमित शाह का मंच से अभिनंदन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के मिला सहयोग दिल्ली को नई दिशा दे रहा है. उन्होंने कहा कि राजधानी अब तेजी से "विकसित दिल्ली" की ओर बढ़ रही है.
स्वच्छता और ऊर्जा
नरेला-बवाना में एक 3000 टन प्रतिदिन क्षमता वाला नया वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट शुरू किया गया है, जबकि ओखला प्लांट की क्षमता 1950 से बढ़ाकर 2950 टन प्रतिदिन कर दी गई है. इस पहल से कचरा प्रबंधन और बिजली उत्पादन दोनों क्षेत्रों को मजबूती मिलेगी.
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
दिल्ली को स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई सौगातें मिलीं. पांच नए अस्पताल ब्लॉक्स और 101 आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनता को समर्पित किए गए. इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के लिए "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान" की शुरुआत की गई और 150 नई डायलिसिस मशीनें भी अस्पतालों में उपलब्ध कराई गईं.
शिक्षा और विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के लिए सुविधाएं
10 नए रिसोर्स सेंटर्स की शुरुआत की गई, जो करीब 12,500 विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों को थेरेपी और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेंगे. यह कदम समावेशी शिक्षा की दिशा में एक मजबूत प्रयास है.
सामाजिक कल्याण योजनाएं
सावित्रीबाई फुले होम (वरिष्ठ नागरिकों के लिए), अटल दृष्टि होम (दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए), और अटल आशा होम (दिव्यांगजनों के लिए) जैसे कल्याणकारी संस्थानों की शुरुआत की गई है.
साथ ही, ₹6000 मासिक सहायता योजना में विस्तार करते हुए 50,000 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है.
सुरक्षा और तकनीक
कार्यक्रम में छात्रों द्वारा बनाए गए 75 एआई ड्रोन महिला पुलिस प्रशिक्षण के लिए सौंपे गए. इसके अतिरिक्त, दिल्ली फायर सर्विस को 24 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल्स प्रदान किए गए हैं, जो आपातकालीन स्थितियों में तेज़ी से काम आएंगे.
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