नई दिल्ली: दिल्ली सरकार की नई शराब नीति (नई लिकर पॉलिसी) को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद इस नीति का ड्राफ्ट जारी हो सकता है. सूत्रों की मानें तो आने वाले एक महीने के अंदर दिल्ली की नई शराब नीति लोगों के सामने आ जाएगी. इस नीति के पीछे सरकार का मकसद न केवल नियमों को अपडेट करना है बल्कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है.
हाल ही में हुई एक बैठक में बीयर पीने की कानूनी उम्र कम करने पर भी बात हुई, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई. यह विषय अभी भी विचाराधीन है. इसके अलावा, इस बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि दिल्ली के हर शराब स्टोर पर प्रीमियम ब्रांड उपलब्ध हों, जिनकी कीमतें एनसीआर क्षेत्र के बराबर हों. फिलहाल दिल्ली की मौजूदा नीति में प्रीमियम ब्रांड की कमी से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, लेकिन नई नीति में इस पहल को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया जाएगा.
शराब के दामों और उपलब्धता पर नए नियम
नई शराब नीति में प्रीमियम नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे. कई ब्रांड आज दिल्ली में उपलब्ध नहीं हैं या उनकी सप्लाई सीमित है, जिससे दिल्लीवासी पड़ोसी राज्यों हरियाणा और यूपी की ओर खरीदारी के लिए जाते हैं. नई नीति के तहत ऐसी स्थितियों को समाप्त किया जाएगा और दिल्ली को राजस्व का नुकसान भी कम होगा. अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था इस तरह बनाई जाएगी कि पड़ोसी राज्यों से कीमतों में अंतर के कारण दिल्ली को कोई आर्थिक नुकसान न हो.
शराब की दुकानों के लिए नए नियम
सरकार ने शराब की दुकानों के लिए ज़ोनिंग नियमों पर भी विचार शुरू कर दिया है. इसका उद्देश्य ऐसी दुकानों को आवासीय इलाकों से हटाना है ताकि सामाजिक और सुरक्षा चिंताओं को दूर किया जा सके. साथ ही, ‘स्वच्छ और प्रीमियम आउटलेट मॉडल’ की शुरुआत भी हो सकती है. इसके तहत शराब की दुकानें साफ-सुथरी, रोशन और आकर्षक होंगी, जहां महिलाएं भी आराम से और सुरक्षित महसूस करें. यह बदलाव दिल्ली की शराब दुकानों के वर्तमान हालात से एक बड़ा सुधार साबित होगा.
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