CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, कोविड में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सभी कर्मचारियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी. इस योजना के तहत शुरुआती तौर पर 10 परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी.

Delhi govt to give ₹1 crore compensation to families of employees who died on COVID duty
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नई दिल्ली: कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को रोक दिया था, लेकिन दिल्ली के डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स ने निडर होकर जनता की सेवा की. अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने कोविड के खिलाफ लड़ाई में मोर्चा संभाला. दुर्भाग्यवश, कई कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य की अदम्य भावना के चलते इस महामारी में अपनी जान भी गंवा दी. ऐसे बहादुर कर्मियों के परिवारों के लिए दिल्ली सरकार ने अब एक सम्मानजनक आर्थिक सहायता योजना की घोषणा की है.

परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की मदद

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सभी कर्मचारियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी. इस योजना के तहत शुरुआती तौर पर 10 परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी. यह सहायता न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता और शहीद कर्मियों के प्रति आभार का भी प्रतीक है.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पूर्व की सरकार ने कई घोषणाएं तो कीं, लेकिन पांच सालों तक इस सहायता को लागू नहीं किया. भाजपा सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान और त्वरित बना दिया है ताकि शहीद कर्मचारियों के परिवारों को जल्दी से राहत मिल सके. यह कदम एक जिम्मेदार और संवेदनशील शासन का उदाहरण है.

निगरानी के लिए गठित मंत्री समूह

दिल्ली सरकार ने इस योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक मंत्री समूह बनाया है. इस समूह में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा, और डॉ. पंकज कुमार सिंह शामिल हैं. राहत शाखा के आयुक्त नीरज सेमवाल और जिलाधिकारी अमोल श्रीवास्तव भी इस कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं. यह समिति लगातार मामलों की समीक्षा कर रही है और भविष्य में और अधिक परिवारों को सहायता देने का काम करेगी.

आर्थिक सहायता के लिए परिवारों को क्या करना होगा?

ड्यूटी का प्रमाण: मृतक कर्मचारी कोविड ड्यूटी पर था, इसे विभागीय आदेश, तैनाती पत्र या संबंधित अस्पताल/विभाग के आदेश से साबित करना होगा.

संक्रमण और मौत का प्रमाण: RT-PCR रिपोर्ट, अस्पताल के डॉक्यूमेंट और मृत्यु प्रमाणपत्र आवश्यक होंगे, जिससे कोविड संक्रमण से मौत की पुष्टि हो सके.

सरकारी आवेदन: संबंधित विभाग (जैसे स्वास्थ्य विभाग) में आवेदन करना होगा, जिसके बाद मुआवजे की मंजूरी दी जाएगी.

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