पेट्रोल, डीजल नहीं... दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने लगीं पानी से चलने वाली बस, जानें रूट और किराया

DMRC Hydrogen Bus: पेट्रोल, डीजल और CNG के लगातार बढ़ते दामों के बीच दिल्ली में एक नया परिवहन विकल्प सामने आया है. अब सड़क पर पानी से चलने वाली हाइड्रोजन बस दौड़ेगी.

Delhi launches hydrogen-powered bus service offering eco-friendly affordable city rides
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DMRC Hydrogen Bus: पेट्रोल, डीजल और CNG के लगातार बढ़ते दामों के बीच दिल्ली में एक नया परिवहन विकल्प सामने आया है. अब सड़क पर पानी से चलने वाली हाइड्रोजन बस दौड़ेगी. ये बस न तो पेट्रोल से चलती है, न डीजल से और न ही CNG से, बल्कि पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर काम करती है.

हाइड्रोजन बस क्या है और कैसे काम करती है?

हाइड्रोजन बसें फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बस हैं. ये बसें हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग करके खुद ही बिजली पैदा करती हैं, जिससे वाहन चलाया जाता है. दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने आज से इन बसों को फीडर बस सेवा के रूप में सड़क पर उतार दिया है. इससे पहले ये बसें केवल ट्रायल के लिए ही चल रही थीं.

सेवा का क्षेत्र और मार्ग

DMRC के मुताबिक, हाइड्रोजन बसें सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में चलेंगी. ये बसें केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रियों को लास्ट-माइल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी.

बस हर 30 मिनट में उपलब्ध होगी और क्लॉकवाइज व एंटी-क्लॉकवाइज दोनों दिशा में चलेगी. मार्ग में शामिल हैं: कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स, इंडिया गेट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन.

बस की तकनीकी खासियत

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने DMRC को दो हाइड्रोजन फ्यूल बसें उपलब्ध कराई हैं. प्रत्येक बस में 35 यात्रियों की बैठने की क्षमता है. सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकिंग और CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके.

DMRC Hydrogen Bus: पेट्रोल, डीजल और CNG के लगातार बढ़ते दामों के बीच दिल्ली में एक नया परिवहन विकल्प सामने आया है. अब सड़क पर पानी से चलने वाली हाइड्रोजन बस दौड़ेगी. ये बस न तो पेट्रोल से चलती है, न डीजल से और न ही CNG से, बल्कि पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर काम करती है.

हाइड्रोजन बस क्या है और कैसे काम करती है?

हाइड्रोजन बसें फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बस हैं. ये बसें हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग करके खुद ही बिजली पैदा करती हैं, जिससे वाहन चलाया जाता है. दिल्ली मेट्रो (DMRC) ने आज से इन बसों को फीडर बस सेवा के रूप में सड़क पर उतार दिया है. इससे पहले ये बसें केवल ट्रायल के लिए ही चल रही थीं.

सेवा का क्षेत्र और मार्ग

DMRC के मुताबिक, हाइड्रोजन बसें सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में चलेंगी. ये बसें केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रियों को लास्ट-माइल कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी. बस हर 30 मिनट में उपलब्ध होगी और क्लॉकवाइज व एंटी-क्लॉकवाइज दोनों दिशा में चलेगी. मार्ग में शामिल हैं: कर्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर रोड, बड़ौदा हाउस, नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स, इंडिया गेट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन.

बस की तकनीकी खासियत

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने DMRC को दो हाइड्रोजन फ्यूल बसें उपलब्ध कराई हैं. प्रत्येक बस में 35 यात्रियों की बैठने की क्षमता है. सुरक्षा के लिए GPS ट्रैकिंग और CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सके.

समय और किराया

यह शटल बस सेवा सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:30 से 12:30 बजे और दोपहर 3:30 से शाम 6:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी. किराया बेहद किफायती रखा गया है. न्यूनतम किराया 10 रुपए और अधिकतम 15 रुपए है. यात्री नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, UPI या नकद से भुगतान कर सकते हैं. DMRC संचालन और टिकटिंग का जिम्मा संभालेगा, जबकि इंडियन ऑयल ड्राइवर और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करेगा.

यह शटल बस सेवा सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8:30 से 12:30 बजे और दोपहर 3:30 से शाम 6:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी. किराया बेहद किफायती रखा गया है. न्यूनतम किराया 10 रुपए और अधिकतम 15 रुपए है. यात्री नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, UPI या नकद से भुगतान कर सकते हैं. DMRC संचालन और टिकटिंग का जिम्मा संभालेगा, जबकि इंडियन ऑयल ड्राइवर और ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करेगा.