Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के सबसे कड़े चरण यानी स्टेज-IV को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
कुछ ही घंटों में AQI में तेज उछाल
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार, 17 जनवरी को शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 दर्ज किया गया था. इसके बाद हालात और खराब होते चले गए. रात 8 बजे तक AQI बढ़कर 428 तक पहुंच गया.
मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों, पश्चिमी विक्षोभ के असर और प्रदूषकों के फैलाव में कमी के कारण हवा में जहरीले कण लंबे समय तक फंसे रहे, जिससे प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा.
गंभीर श्रेणी में पहुंची वायु गुणवत्ता
हवा की मौजूदा स्थिति और इसके आगे और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने सर्वसम्मति से GRAP के स्टेज-IV को लागू करने का फैसला लिया. इसे वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एक एहतियाती और सक्रिय कदम बताया गया है.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पहले से ही GRAP के स्टेज-I, II और III के तहत कई पाबंदियां दिल्ली-एनसीआर में लागू थीं. अब चौथे चरण के लागू होने के बाद प्रतिबंध और सख्त हो गए हैं.
प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश
CAQM ने दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित सभी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकने के लिए सख्ती से कदम उठाएं. निगरानी बढ़ाने और नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है.
इससे पहले हालात बिगड़ने पर GRAP-III के तहत पाबंदियां लागू की गई थीं, लेकिन AQI के गंभीर स्तर को पार करने के बाद अब चौथा चरण लागू करना जरूरी हो गया.
GRAP क्या है और कब लागू होता है?
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को AQI के स्तर के आधार पर लागू किया जाता है:
दिल्ली में AQI के तेजी से बढ़कर 400 के पार जाने के बाद अब सबसे कड़ा चरण लागू कर दिया गया है.
GRAP-IV के तहत कौन-कौन सी पाबंदियां लागू?
GRAP-IV लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कई गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है:
इन कदमों का मकसद प्रदूषण के स्रोतों को तुरंत कम करना और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है.
लोगों की सेहत पर बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, AQI 400 से ऊपर पहुंचने पर सांस से जुड़ी बीमारियों, आंखों में जलन, गले में खराश और फेफड़ों की समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
ये भी पढ़ें- Weather Today: बदलने वाला है मौसम का मिजाज! इन राज्यों में होगी बारिश-बर्फबारी, पड़ेगी कड़ाके की ठंड