धमाके से पहले कहां-कहां गई थी i-20 कार? जानिए दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई गाड़ी की पूरी कुंडली

Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर, 2025 को हुए भयानक कार धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. इस धमाके में इस्तेमाल हुई सफेद हुंडई i20 कार के बारे में अब कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं.

Delhi Red Fort Metro Station blast The Hyundai i20 car details
Image Source: ANI/ Social Media

Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर, 2025 को हुए भयानक कार धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. इस धमाके में इस्तेमाल हुई सफेद हुंडई i20 कार के बारे में अब कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. इस कार का मालिक कौन था, किससे बेची गई थी, और यह कार धमाके वाली जगह तक कैसे पहुंची—इन सवालों के जवाब पुलिस और जांच एजेंसियां ढूंढने में जुटी हैं. कार के मालिक से लेकर उसके ट्रांजैक्शन तक के हर पहलू में नये खुलासे हो रहे हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बना रहे हैं.

कार की खरीद-फरोख्त से जुड़ा बड़ा खुलासा

जांच के दौरान यह सामने आया कि जो सफेद हुंडई i20 कार धमाके में इस्तेमाल हुई, वह फरीदाबाद के सेक्टर 32 स्थित रॉयल कार जोन नाम की दुकान से खरीदी गई थी. एबीपी न्यूज की टीम जब फरीदाबाद पहुंची, तो दुकान के मालिक के पुराने साथी, वकील अहमद से बातचीत की. अहमद ने बताया कि कार उनके पुराने पार्टनर अमित पटेल ने बेची थी. अमित फरीदाबाद का रहने वाला नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश का निवासी था और यहां अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था. अहमद के मुताबिक, वह दोनों 2022 में अलग हो गए थे, और यह कारों का व्यापार उन्होंने 2015-16 में शुरू किया था. धमाके की खबर सुनने के बाद अहमद ने अमित को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिला.

रॉयल कार जोन में मिली शराब और ताश

जब एबीपी न्यूज की टीम ने रॉयल कार जोन के ऑफिस की जांच की, तो वहां का माहौल कुछ अलग ही था. ऑफिस में शराब की बोतलें और ताश के पत्ते खुले पड़े मिले, जिससे यह साफ पता चलता है कि यहां किसी पार्टी या अय्याशी का माहौल था. इस दृश्य ने कार के व्यापार के बारे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच के दायरे को और भी बढ़ा दिया है.

कार की मालिकाना हक में बार-बार बदलाव

इस धमाके में इस्तेमाल हुई कार की मालिकाना हक में कई बार बदलाव किया गया, और इसमें फर्जी आईडी का भी इस्तेमाल हुआ. यह एक ऐसी रणनीति हो सकती है, जो आतंकी संगठन अक्सर अपने कामों में अपनाते हैं. कार के मालिकों का बार-बार बदलना आतंकवादी साजिशों में एक सामान्य तकनीक मानी जाती है, और यह खुलासा इस मामले को और भी संदिग्ध बना रहा है.

धमाके से पहले कहां-कहां गई थी i-20 कार?

दिल्ली पुलिस ने इस कार की पूरी टाइमलाइन जारी की है, जिसमें कार की यात्रा की हर बारीकी का पता चलता है:

  • 8:04 AM: कार बादरपुर टोल प्लाजा से दिल्ली में दाखिल हुई.
  • 8:20 AM: ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास एक पेट्रोल पंप पर कार में फ्यूल भरा गया.
  • 3:19 PM: कार लाल किले के पास पार्किंग में दाखिल हुई.
  • 6:00 PM: कार पार्किंग से बाहर निकली और धमाके के बाद इसके आसपास के इलाकों में घूमती हुई दिखाई दी, जैसे दरियागंज, कश्मीरी गेट और सुनहरी मस्जिद.

कार के मालिक और खरीददारों की कड़ी जांच

दिल्ली पुलिस ने कार के रजिस्टर्ड मालिक, मोहम्मद सलमान को गुरुग्राम से पकड़ा. सलमान ने बताया कि उसने कार देवेंद्र नामक व्यक्ति को बेची थी, जिसने उसे अंबाला में किसी और को बेच दिया. पुलिस अब इन सभी खरीददारों की जांच कर रही है, ताकि इस साजिश के और सुराग मिल सकें.

पुलवामा से जुड़ा एक संदिग्ध कनेक्शन

यह भी पता चला कि कार से जुड़ी एक फर्जी आईडी पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) के व्यक्ति से लिंक पाई गई है. इससे यह आशंका और भी गहरी हो गई है कि इस धमाके का कनेक्शन किसी आतंकवादी संगठन से हो सकता है. विस्फोट के समय घटनास्थल पर शराब की बोतलें और शरापनेल या क्रेटर नहीं मिले, जिससे विशेषज्ञ विस्फोटक के प्रकार पर दोबारा जांच कर रहे हैं.

धमाके में 12 की मौत और 29 घायल

इस खौफनाक विस्फोट में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है और 29 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. HR 26 7674 नंबर वाली इस कार में तीन लोग सवार थे. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पास खड़ी कई गाड़ियां भी जल गईं. घायलों को तुरंत नजदीकी LNJP अस्पताल में भर्ती किया गया. दिल्ली पुलिस, NIA, NSG और FSL की टीमें मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही हैं. सुरक्षा के लिहाज से पूरे दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया गया है, और एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन तथा सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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