नई दिल्ली: भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में दावा किया कि भारत का इस साल का एक्सपोर्ट पिछले साल से कहीं अधिक होगा, भले ही अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का असर पड़ा हो. दिल्ली में एक महत्वपूर्ण इवेंट में पीयूष गोयल ने अपने इस दावे को पेश किया और कहा कि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की एक्सपोर्ट नीति को और विविधतापूर्ण बनाने की आवश्यकता है, ताकि किसी एक देश या क्षेत्र द्वारा लिए गए एकतरफा फैसले का प्रभाव कम किया जा सके. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय उद्योग अब इस स्थिति से पूरी तरह से निपटने के लिए तैयार है और किसी भी मुश्किल का मुकाबला करेगा.
अमेरिकी टैरिफ के बावजूद उम्मीद से अधिक एक्सपोर्ट
पीयूष गोयल ने कहा कि हालांकि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ से कुछ चुनौतियां सामने आई हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले इस साल बढ़ेगा. गोयल का मानना है कि भारतीय व्यापार को लेकर एक स्थिर दृष्टिकोण और निरंतर सुधार के प्रयासों से इस वर्ष का एक्सपोर्ट और मजबूत होगा.
उन्होंने आगे बताया कि भारत को अपने एक्सपोर्ट बास्केट को और अधिक विविधतापूर्ण बनाने की आवश्यकता है ताकि यह किसी एक देश के व्यापार निर्णय पर अधिक निर्भर न हो. इस दिशा में कदम उठाने के लिए सरकार और उद्योग मिलकर प्रयास करेंगे.
GST और घरेलू डिमांड का बढ़ावा
मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) के सुधारों से घरेलू मांग में वृद्धि होगी, जिससे उत्पादन और निर्यात दोनों में मजबूती आएगी. उनके मुताबिक, जीएसटी से व्यापार की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे व्यापारियों को बेहतर वातावरण मिलेगा और वे वैश्विक बाजारों में अपनी स्थिति को मजबूत कर पाएंगे.
टैरिफ के बावजूद निर्यात में कोई बड़ी समस्या नहीं
गोयल ने जोर देकर कहा कि अब तक किसी भी सेक्टर ने अमेरिका के द्वारा लगाए गए टैरिफ के कारण कोई खास समस्या या विरोध नहीं किया है. भारतीय उद्योग और व्यापारी अपनी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता में लगातार सुधार कर रहे हैं, जिससे उनका सामान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्वीकार किया जा रहा है. उनका यह भी कहना था कि भारत ने इन समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.
सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदम
पीयूष गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भारतीय एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रही है. आगामी दिनों में सरकार निर्यातकों के लिए नई नीतियाँ और कदम पेश करेगी, जो उन्हें वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत बनाने में मदद करेंगे.
उन्होंने कहा, "हम विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) पर बातचीत कर रहे हैं. यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर वार्ता अभी भी जारी है और हमें उम्मीद है कि कतर, न्यूजीलैंड, पेरू और चिली के साथ भी शीघ्र ही समझौते होंगे."
पिछले वित्त वर्ष में ऐतिहासिक एक्सपोर्ट
भारत का पिछले वित्त वर्ष (2024-25) में कुल एक्सपोर्ट 824.9 बिलियन डॉलर यानी 72.71 लाख करोड़ रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जो कि एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी. यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.01% की वृद्धि थी. मंत्री ने इस विकास को भारतीय व्यापार की ताकत के तौर पर पेश किया और कहा कि यह भारतीय उद्योग की क्षमता और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है.
चालू वित्त वर्ष में 1 लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य
इस साल, भारत सरकार ने 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ डॉलर के एक्सपोर्ट का लक्ष्य निर्धारित किया है. पीयूष गोयल ने भरोसा जताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार और उद्योग दोनों मिलकर काम करेंगे और सभी उपलब्ध संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करेंगे.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 में भारत का कुल एक्सपोर्ट 68.25 बिलियन डॉलर (6.01 लाख करोड़ रुपए) रहा, जो पिछले साल के जुलाई महीने के 65.31 बिलियन डॉलर (5.75 लाख करोड़ रुपए) से अधिक था. यह दर्शाता है कि भारत के निर्यात में निरंतर वृद्धि हो रही है और आने वाले महीनों में यह गति बनी रहने की संभावना है.
भारतीय एक्सपोर्ट की विविधता और मजबूती
भारत के एक्सपोर्ट में विविधता लाने की जरूरत को मंत्री ने महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी एक्सपोर्ट बास्केट में और अधिक उत्पादों को शामिल करना चाहिए, ताकि व्यापार में किसी एक देश या क्षेत्र विशेष पर निर्भरता कम हो सके. इसके लिए सरकार विभिन्न देशों के साथ नए व्यापार समझौते कर रही है और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है.
इसके साथ ही, गोयल ने यह भी बताया कि भारतीय उत्पादों को उच्च गुणवत्ता और नवीनतम तकनीकी सुधारों के साथ प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जा रहा है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अन्य देशों के उत्पादों से बेहतर साबित हो सकें. उनका यह विश्वास था कि भारतीय उद्योगों में जो सुधार हो रहे हैं, वे उन्हें वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बना देंगे.
भारत के व्यापारिक भविष्य की दिशा
पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत का व्यापारिक भविष्य उज्जवल है और वह देश वैश्विक व्यापारिक शक्ति के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा कि भारत की व्यापारिक रणनीति अब पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के हिसाब से तैयार की जा रही है, जिससे न केवल भारत की आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भी देश की स्थिति और प्रभाव बढ़ेगा.
वह पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि भारतीय उद्योग, सरकार और व्यापारियों का संयुक्त प्रयास भारत के एक्सपोर्ट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, और देश किसी भी बाहरी दबाव के बावजूद अपनी दिशा से नहीं भटकेगा.
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