Maharashtra News: रक्षाबंधन के मौके पर जब बहनों को भाई से उपहार मिलने की परंपरा है, तब महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य की बहनों को एक ऐसा वादा दिया है जो उन्हें आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बना सकता है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है महाराष्ट्र में 1 करोड़ 'लखपति दीदी' बनाना.
क्या है 'लखपति दीदी' योजना?
‘लखपति दीदी’ उन महिलाओं को कहा जाता है जो स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होते हुए सालाना कम से कम ₹1 लाख की आय अर्जित करती हैं. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही है. फडणवीस ने बताया कि पिछले वर्ष 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया और इस वर्ष 25 लाख और जोड़ी जाएंगी.
'माझी लाडकी बहन योजना' पर भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ‘माझी लाडकी बहन योजना’ को बंद करने की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह गलत हैं. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹1500 की मासिक सहायता दी जाती है. सरकार इस योजना को बंद नहीं करेगी, बल्कि सही समय पर इसमें और सहायता जोड़ी जाएगी.
दुरुपयोग करने वालों पर सख्ती
फडणवीस ने बताया कि कुछ लोगों ने इस योजना का गलत फायदा उठाने की कोशिश की. उदाहरण के लिए, कुछ पुरुषों ने पोर्टल पर मोटरसाइकिल की तस्वीरें डालकर लाभ उठाने की कोशिश की. ऐसे मामलों में सरकार सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें लाभार्थी सूची से बाहर कर रही है.
महिलाएं ज्यादा जिम्मेदार कर्जदार
सीएम ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में देश के सबसे ज्यादा SHG मौजूद हैं. खास बात यह है कि महिलाएं, पुरुषों की तुलना में, ऋण चुकाने में कहीं ज्यादा ईमानदार और समयनिष्ठ होती हैं. कई योजनाओं में पुरुषों ने जहां आधा कर्ज भी नहीं चुकाया, वहीं महिलाएं समय से पूरा भुगतान करती हैं.
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