Dawood Ibrahim Rahman dacoit Story: फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज होने के बाद से एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, रहमान डकैत. इस किरदार को अभिनेता अक्षय खन्ना ने जिस अंदाज में निभाया है, उसने दर्शकों को झकझोर दिया है. कई लोगों का कहना है कि फिल्म में अक्षय खन्ना सिर्फ संवादों से नहीं, बल्कि अपनी आंखों की ठंडक, चेहरे के भाव और खामोशी से ऐसा डर पैदा करते हैं कि बाकी कलाकार भी उनके सामने फीके पड़ जाते हैं.
फिल्म देखने के बाद दर्शकों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि अगर पर्दे पर दिखाया गया रहमान इतना खतरनाक था, तो असल जिंदगी में वह कितना खूंखार रहा होगा? आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रहमान डकैत को एक बेरहम अपराधी के तौर पर दिखाया गया है, जिसे अंत में बेहद दर्दनाक मौत मिलती है. लेकिन कहा जाता है कि हकीकत में उसकी कहानी इससे भी ज्यादा डरावनी और खून से सनी हुई थी.
फिल्म से बाहर आई असली कहानी
रहमान डकैत की असली जिंदगी को लेकर हाल ही में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई, जब फिल्म लेखक और क्रिटिक सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’ ने सोशल मीडिया पर उससे जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया. यह किस्सा तब सामने आया, जब सीमा पार से एक यूजर ने फिल्म पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अक्षय खन्ना रहमान बलोच (डकैत) की क्रूरता का एक छोटा सा हिस्सा भी पर्दे पर नहीं दिखा पाए.
इसी टिप्पणी के बाद सिद्धार्थ अरोड़ा ने रहमान डकैत के अतीत को खंगालते हुए एक कहानी साझा की, जो वर्षों से अंडरवर्ल्ड की दुनिया में फुसफुसाहट के तौर पर जानी जाती रही है.
धमकी भरा फोन और जमीन का विवाद
कहानी साल 2009 के आसपास की बताई जाती है. कराची के एक बड़े कारोबारी के पास शहर में कीमती जमीन थी, जिसकी कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी जाती थी. बताया जाता है कि अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक बड़े डॉन ने उस कारोबारी को फोन कर जमीन खरीदने की पेशकश की—लेकिन कीमत सिर्फ 12 करोड़ रुपये रखी गई.
कारोबारी ने जब जमीन की असली कीमत बताई और सौदे से इनकार किया, तो फोन पर धमकी दी गई कि जमीन तो जाएगी ही, साथ में जान भी जा सकती है. यह कारोबारी कथित तौर पर रहमान डकैत का रिश्तेदार था.
रहमान डकैत और डॉन की टक्कर
जब यह बात रहमान डकैत तक पहुंची, तो उसने सीधे उस डॉन को फोन कर जमीन छोड़ देने को कहा. लेकिन जवाब में उसे अपमानजनक भाषा और धमकियां मिलीं. फोन पर खुद को “इंटरनेशनल डॉन” बताकर रहमान को छोटा गुंडा कहा गया.
यहीं से मामला और गंभीर हो गया. बताया जाता है कि रहमान ने इस चुनौती को अपनी तौहीन माना और फिर वही किया, जिसने अंडरवर्ल्ड में उसकी दहशत को और गहरा कर दिया.
दाऊद इब्राहिम से जुड़ा खौफनाक किस्सा
अंडरवर्ल्ड की दुनिया से जुड़े किस्सों के मुताबिक, जिस डॉन से रहमान की यह टक्कर हुई, वह कोई और नहीं बल्कि दाऊद इब्राहिम था. कहा जाता है कि उसी रात रहमान के लोगों ने दाऊद के छोटे भाई नूरा को अगवा कर लिया. इसके बाद जो हुआ, वह बेहद भयावह बताया जाता है. नूरा को एक फार्महाउस ले जाया गया और वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई.
दावा किया जाता है कि उसकी चीखें फोन पर दाऊद को सुनाई गईं. कहा जाता है कि दाऊद ने जमीन छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. कुछ समय बाद नूरा का शव कराची के क्लिफ्टन इलाके में मिलने की बातें भी सामने आईं. हालांकि, इन घटनाओं को लेकर आधिकारिक पुष्टि या अदालतों में दर्ज विवरण बहुत सीमित हैं, लेकिन अंडरवर्ल्ड से जुड़े किस्सों में यह कहानी बार-बार दोहराई जाती रही है.
रहमान डकैत का खौफनाक अंत
रहमान डकैत को लेकर यह भी कहा जाता है कि वह अपराध की दुनिया में किसी भी हद तक जा सकता था. उस पर कई संगीन आरोप लगे, जिनमें हत्या, अपहरण और अवैध हथियार रखने जैसे मामले शामिल बताए जाते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया कि उसने अपने बेहद करीबी रिश्तों को भी नहीं बख्शा.
आखिरकार 2009 में पुलिस एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई. उस वक्त उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिलने की खबरें आई थीं. उसके अंत के साथ ही कराची के ल्यारी इलाके में अंडरवर्ल्ड की एक खौफनाक कहानी का अध्याय बंद हुआ.
पर्दे पर खौफ, हकीकत में उससे भी ज्यादा?
‘धुरंधर’ में रहमान डकैत का किरदार भले ही एक फिल्मी रूपांतरण हो, लेकिन उससे जुड़ी असली कहानियां आज भी लोगों को सिहरने पर मजबूर कर देती हैं. अक्षय खन्ना की एक्टिंग ने इस किरदार को ऐसा असरदार बना दिया है कि दर्शक पर्दे और हकीकत के फर्क को भूल जाते हैं. फिल्म ने यह भी दिखाया कि अपराध की दुनिया चाहे जितनी ताकतवर क्यों न लगे, उसका अंत अक्सर हिंसा और तबाही में ही होता है, चाहे वह फिल्म हो या असल जिंदगी.
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