Diwali 2025: क्या होते हैं ग्रीन पटाखे, कैसे ये आम पटाखों से हैं अलग, हवा में नहीं घुलने देंगे जहर?

दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का प्रतीक है. इस अवसर पर हमारे घर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते हैं, मिठाइयों की मिठास बंटती है और आकाश रंगीन पटाखों की चमक से भर जाता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती वायु प्रदूषण की चिंता के कारण, लोग पारंपरिक पटाखों की जगह ग्रीन पटाखों की ओर रुख कर रहे हैं.

Diwali 2025 Green Crackers vs Normal Crackers Noise Smoke and Pollution Comparison
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Diwali 2025: दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का प्रतीक है. इस अवसर पर हमारे घर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते हैं, मिठाइयों की मिठास बंटती है और आकाश रंगीन पटाखों की चमक से भर जाता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती वायु प्रदूषण की चिंता के कारण, लोग पारंपरिक पटाखों की जगह ग्रीन पटाखों की ओर रुख कर रहे हैं. पर क्या ग्रीन पटाखे सच में प्रदूषण-मुक्त हैं? 

पारंपरिक पटाखों में छुपा है प्रदूषण का खतरा

नॉर्मल पटाखों में कई प्रकार के भारी धातु और ऑक्सिडाइजर जैसे बेरियम नाइट्रेट, लीड कंपाउंड्स, लिथियम साल्ट्स आदि होते हैं. ये तत्व पटाखों की रंगीन चमक और तेज धमाके के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन इनके जलने पर विषैले तत्व वातावरण में फैल जाते हैं. ये तत्व न केवल वायु गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होते हैं.

ग्रीन पटाखे: प्रदूषण कम, पर पूरी तरह से सुरक्षित नहीं

ग्रीन पटाखों को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाता है. इनमें पोटेशियम नाइट्रेट जैसे कम प्रदूषणकारी ऑक्सिडाइजर का इस्तेमाल होता है और एल्यूमीनियम की मात्रा नियंत्रित रहती है. यह पारंपरिक पटाखों की तुलना में करीब 30-35% कम प्रदूषण पैदा करते हैं. इनमें पीएम 2.5, पीएम 10 कण और धातु प्रदूषण कम होता है, जिससे हवा में विषैले कण कम फैलते हैं. हालांकि, ग्रीन पटाखे भी पूरी तरह से धुआं और प्रदूषण मुक्त नहीं होते. उनकी खासियत यह है कि इन्हें ऐसे घटकों के साथ बनाया जाता है जो धूल और धुएं के दृश्य प्रभाव को कम करते हैं, इसलिए लगता है कि ये धुआं नहीं छोड़ते.

ध्वनि प्रदूषण में भी ग्रीन पटाखों की भूमिका

परंपरागत पटाखे न केवल वायु प्रदूषण बल्कि तेज आवाज के कारण ध्वनि प्रदूषण भी फैलाते हैं, जो बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों के लिए कष्टदायक होता है. ग्रीन पटाखों को इस बात का ध्यान रखते हुए डिजाइन किया गया है कि ये कम शोर करें और दिवाली के जश्न को शांतिपूर्ण बनाएं.

ग्रीन पटाखों की पहचान कैसे करें?

सत्यापन के लिए ग्रीन पटाखों पर CSIR-NEERI लोगो और क्यूआर कोड होते हैं. आप उस क्यूआर कोड को स्कैन करके उत्पाद की प्रमाणिकता और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों की पुष्टि कर सकते हैं. इस कदम से नकली और कम गुणवत्ता वाले पटाखों से बचा जा सकता है.

ग्रीन पटाखों के प्रकार और उनका पर्यावरणीय महत्व

सेफ वाटर रिलीजर: जलने पर पानी छोड़ते हैं जो धूल को कम करता है.

सेफ थर्माइट क्रैकर: सुरक्षित और कम प्रदूषण वाले क्रैकर.

सेफ मिनिमल अल्युमिनियम: कम एल्यूमीनियम का इस्तेमाल कर प्रदूषण कम करता है.

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