नई दिल्ली: देशभर में दिवाली का त्योहार रौशनी और उल्लास के साथ मनाया गया, लेकिन राजधानी दिल्ली में ये जश्न कई लोगों के लिए एक दर्दनाक अनुभव बनकर सामने आया. दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में दिवाली के दौरान पटाखों और दीयों की वजह से 250 से अधिक लोग झुलसकर इलाज के लिए पहुंचे. इनमें से कई की हालत गंभीर रही, जबकि अधिकतर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
सफदरजंग में सबसे ज्यादा मरीज
दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल, जहां देश की सबसे बड़ी बर्न यूनिट है, वहां सबसे ज्यादा 129 मरीज पहुंचे. अस्पताल के बर्न, प्लास्टिक और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. सुजाता साराभाई ने बताया कि इनमें से 111 मरीज मामूली रूप से झुलसे थे, जिन्हें ओपीडी में ही उपचार देकर छुट्टी दे दी गई. हालांकि 18 मरीजों की हालत गंभीर थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुल मामलों में से 118 लोग पटाखों से और 11 लोग दीयों से झुलसे थे. खास बात यह रही कि इनमें से 24 मरीज 12 साल से कम उम्र के बच्चे थे, जो यह दर्शाता है कि त्योहार के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी भी बहुत जागरूकता की जरूरत है.
एम्स में 55 केस, 10 मरीज ICU में भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी दिवाली के 48 घंटों में 55 झुलसे हुए मरीजों का इलाज किया गया. बर्न सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि इनमें से 10 मरीजों की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. उन्होंने यह भी बताया कि 23 मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ी. झुलसने के कारणों की बात करें तो 42 मरीज पटाखों, 3 दीयों और 9 लोग पोटाश जैसे रसायन के कारण जले थे. इन मामलों में भी 8 बच्चे 12 साल से कम उम्र के थे, जिनमें चार महीने का एक नवजात भी शामिल था.
जीटीबी, डीडीयू और एलएनजेपी में भी सामने आए कई मामले
पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 37 झुलसने के मामले सामने आए. इनमें से 7 मरीज अभी भी भर्ती हैं, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है. लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में 15 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें एक का चेहरा झुलसा था जबकि बाकी को मामूली चोटें आई थीं. दीन दयाल उपाध्याय (DDU) अस्पताल में कुल 16 केस दर्ज किए गए, जिनमें से 3 दिवाली से एक दिन पहले और 13 दिवाली के दिन सामने आए. यहां भी सभी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई.
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