हां में हां नहीं मिलाने की सजा! ट्रंप प्रशासन ने जनरल जेफ्री क्रूज को किया बर्खास्त; जानें क्या कारण

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में इन दिनों हलचल तेज़ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में एक बार फिर बड़े स्तर पर बर्खास्तगी देखने को मिली है. डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को तीन अहम सैन्य अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया.

Donald Trump Fired America general jeffrey kruse over iran report
Image Source: Social Media

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में इन दिनों हलचल तेज़ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में एक बार फिर बड़े स्तर पर बर्खास्तगी देखने को मिली है. डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को तीन अहम सैन्य अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया. इस फैसले ने न सिर्फ वॉशिंगटन की राजनीति में हलचल मचाई है, बल्कि खुफिया एजेंसियों की स्वायत्तता पर भी बहस छेड़ दी है.


इस कार्रवाई में सबसे बड़ा नाम है लेफ्टिनेंट जनरल जेफ्री क्रूज का, जो अमेरिका की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) के डायरेक्टर थे. उनके साथ-साथ वाइस एडमिरल नैन्सी लैकोरे (नेवी रिजर्व की प्रमुख) और रियर एडमिरल मिल्टन सैंड्स (नेवी सील और स्पेशल वॉरफेयर कमांड के प्रमुख) को भी पद से हटा दिया गया है.

बर्खास्तगी की वजह क्या है?

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में है ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले. हाल ही में DIA की एक आंतरिक रिपोर्ट में बताया गया कि इन हमलों से ईरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनों के लिए तो बाधित हुआ है, लेकिन उसे स्थायी नुकसान नहीं पहुंचा. यह रिपोर्ट राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे से उलट थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान का परमाणु ढांचा पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है. रिपोर्ट लीक होने के बाद ट्रंप बेहद नाराज़ हुए और माना जा रहा है कि यही जनरल क्रूज की बर्खास्तगी का प्रमुख कारण बना.

राजनीतिक बवाल: विपक्ष ने उठाए सवाल

पेंटागन ने इस बर्खास्तगी पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. सीनेटर मार्क वॉर्नर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “राष्ट्रपति अब केवल वही खुफिया रिपोर्टें चाहते हैं जो उनकी राजनीतिक लाइन से मेल खाती हों.” वहीं, हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट जिम हाइम्स ने कहा, “अगर प्रशासन इन बर्खास्तगियों की ठोस वजह नहीं बताता, तो यह स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक कदम माना जाएगा, जिसका मकसद डर और दबाव का माहौल बनाना है.”

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बर्खास्तगियां

डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अपने पहले कार्यकाल में भी इस तरह की कार्रवाइयों के लिए चर्चा में रहा है. पिछले कुछ महीनों में भी कई सीनियर अफसरों को समय से पहले पद छोड़ना पड़ा या हटाया गया. जनरल डेविड ऑल्विन (एयरफोर्स): दो साल पहले ही रिटायरमेंट ले लिया. जनरल CQ ब्राउन जूनियर (पूर्व चेयरमैन, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ): पद से हटाए गए. नौसेना और एयरफोर्स के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, साथ ही तीनों सेनाओं के लॉ ऑफिसर्स को भी उनके पद से हटा दिया गया. अप्रैल में NSA के निदेशक जनरल टिम हॉग और नाटो की वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल शोशाना चैटफील्ड को भी पद से हटा दिया गया.

यह भी पढ़ें: 'झुको नहीं तो मिटा देंगे...', हमास की आंख में आंख डालकर इजरायल ने दी सख्त चेतावनी