अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा विनाशकारी युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को लेकर व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो एक ही रात में पूरे ईरान को खत्म किया जा सकता है, और यह हमला कभी भी हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान तय समय तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो उसके बिजली घर, पुल और दूसरे जरूरी ढांचे पर बड़े हमले किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में अच्छा कर रहा है.
"CIA ने बहुत शानदार काम किया"
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ईरान में गिराए गए दो अमेरिकी सैनिकों को बचाने की सफलता का जश्न मनाएगी. उन्होंने बताया कि ऐसे मिशन आमतौर पर नहीं होते, लेकिन इस बार अच्छे लोगों की टीम और थोड़ी किस्मत से यह सफल रहा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ती. ट्रंप ने कहा कि इस मिशन में कई लोगों ने मदद की. इसमें थोड़ी किस्मत भी साथ थी और दोनों एयरमैन बहुत बहादुर थे. CIA ने बहुत शानदार काम किया. उन्होंने पायलट को ढूंढ निकाला. यह तिनके के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था.
पायलट को बचाने के लिए 155 विमान लगाए
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सेना को आदेश दिया था कि फंसे हुए एयरमैन को बचाने के लिए जो भी जरूरी हो, वो किया जाए. ट्रंप ने बताया कि बचाव में सैनिकों ने बड़ा जोखिम लिया, लेकिन किसी को चोट नहीं लगी. वहीं, घायल एयरमैन खून बहने के बावजूद पहाड़ चढ़कर अपनी लोकेशन भेजने में कामयाब रहा. एयरमैन को बचाने के मिशन में 155 विमान लगाए गए थे, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान शामिल थे.
मिशन की लीक हुई जानकारी ने बढ़ाया खतरा
ट्रंप ने यह भी कहा कि इस मिशन की जानकारी किसी ने लीक की, जिससे अमेरिकी सैनिकों की जान खतरे में पड़ गई. उन्होंने चेतावनी दी कि लीक करने वाले को पकड़ लिया जाएगा और जो पत्रकार इसका सोर्स बताए बिना जानकारी प्रकाशित करेंगे, उन्हें जेल जाना पड़ेगा. ट्रंप का यह बयान अमेरिकी मीडिया में हलचल पैदा कर सकता है, क्योंकि इससे पहले भी ट्रंप पर प्रेस की स्वतंत्रता दबाने के आरोप लगे हैं, हालांकि उन्होंने हमेशा इन आरोपों को नकारा है.
सीआईए की भूमिका और ईरान की शर्मिंदगी
सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने इस मिशन को अत्यंत सफल और साहसी ऑपरेशन बताया. उन्होंने कहा कि इस मिशन में इंसानी और तकनीकी दोनों प्रकार की मदद ली गई और ईरानियों को भ्रमित किया गया, ताकि अमेरिकी सैनिकों को बचाया जा सके. रैटक्लिफ ने यह भी बताया कि शनिवार रात को पुष्टि मिली कि एयरमैन एक पहाड़ी दरार में सुरक्षित था, जो दुश्मन की नजरों से छिपा था लेकिन सीआईए को दिखाई दे रहा था. इस मिशन ने ईरान की सेना को शर्मिंदा कर दिया, और अमेरिकी मीडिया ने इस ऑपरेशन की सराहना की है.
अमेरिकी सेना की प्रतिबद्धता
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल डेन केन ने कहा कि यह मिशन अमेरिकी सेना के लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन सेना ने अपने सैनिकों को किसी भी हालत में सुरक्षित निकालने का काम किया. केन ने कहा कि अमेरिकी सेना अपने किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ती, और इस मिशन में विमानन से लेकर रेस्क्यू टीम तक ने अपूर्व साहस का परिचय दिया. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों को कहीं भी, किसी भी स्थिति में बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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