ट्रंप बढ़ा रहे पुतिन की चिंता! बोले- 'यूक्रेन जीत सकता है रूस के हाथों खोई जमीन'

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला बयान देकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है. ट्रंप ने कहा है कि NATO और यूरोपीय यूनियन की मदद से यूक्रेन वह सारी जमीन वापस पा सकता है.

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रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला बयान देकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है. ट्रंप ने कहा है कि NATO और यूरोपीय यूनियन की मदद से यूक्रेन वह सारी जमीन वापस पा सकता है, जो उसने युद्ध में रूस के हाथों गंवाई थी. यह बयान उनके पहले के रुख से बिल्कुल उलट है, जब उन्होंने संघर्ष रोकने के लिए यूक्रेन को रूस के सामने झुकने की सलाह दी थी.

इस बार ट्रंप का यह नया दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद सामने आया. उन्होंने यह विचार सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर साझा किए.

ट्रंप की टिप्पणी: जेलेंस्की की कूटनीतिक जीत

डोनाल्ड ट्रंप ने मुलाकात के बाद कहा मुझे लगता है कि यूरोप, विशेष रूप से NATO के वित्तीय और रणनीतिक समर्थन से यूक्रेन अपने पुराने भू-भाग को फिर से हासिल कर सकता है. इसके लिए समय, धैर्य और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है. यह बयान यूक्रेनी राष्ट्रपति के लिए एक अहम कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि जेलेंस्की लगातार अमेरिका और पश्चिमी देशों से रूस पर कड़ा रुख अपनाने की मांग करते आए हैं. दोनों नेताओं के बीच मुलाकात सौहार्दपूर्ण रही और गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए फोटो भी साझा की गई.

यूक्रेन की बहादुरी काबिल-ए-तारीफ है

यूक्रेन के प्रति समर्थन जाहिर करते हुए ट्रंप ने कहा कि हम यूक्रेन की बहादुरी की सराहना करते हैं. जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें युद्ध के मैदान से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और वे शांति और सुरक्षा की ठोस गारंटी पर बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं. अपने यूएन भाषण में ट्रंप ने रूस को आड़े हाथों लिया. 

उन्होंने कहा कि युद्ध में जिस तरह रूस फंसा हुआ है, वह उसकी कमजोरी को उजागर करता है: यह युद्ध रूस के लिए शर्मनाक बन चुका है. एक ताकतवर सेना जिसे एक हफ्ते में जीत मिल जानी चाहिए थी, वह ढाई साल से संघर्ष कर रही है. ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि रूस की बिगड़ती आर्थिक स्थिति युद्ध के अंत में अहम भूमिका निभा सकती है.

रूसी तेल पर प्रतिबंध की अपील दोहराई

ट्रंप ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे रूसी तेल और गैस का आयात पूरी तरह बंद करें. उन्होंने सुझाव दिया कि रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं ताकि उसकी सैन्य ताकत कमजोर हो और संघर्ष शीघ्र खत्म हो सके. इस संदर्भ में यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से ट्रंप की मुलाकात भी उल्लेखनीय रही, जिसमें उन्होंने रूस पर और सख्त प्रतिबंधों की बात कही.

NATO देशों में बढ़ता तनाव

इस बीच, बाल्टिक क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ने लगा है. एस्टोनिया ने आरोप लगाया है कि रूसी फाइटर जेट्स ने उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. ट्रंप ने कहा कि अगर किसी NATO देश को अपनी हवाई सीमा की रक्षा के लिए रूसी विमानों को मार गिराना पड़े, तो अमेरिका उनका समर्थन करेगा — हालांकि सीधा सैन्य हस्तक्षेप परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.

यूक्रेन को हो रहा बड़ा नुकसान

फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध ने अब तक यूक्रेन को भौतिक, आर्थिक और मानवीय दृष्टि से गहरी क्षति पहुंचाई है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष के पहले आठ महीनों में यूक्रेन में नागरिक मौतों में 40% की वृद्धि हुई है. रूस की ओर से मिसाइल, ड्रोन और बम हमले और तेज हो गए हैं. ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद रूस और यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने की दिशा में कदम उठाए थे. उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की दोनों से व्यक्तिगत स्तर पर संवाद की कोशिश की, लेकिन पुतिन ने किसी भी सीधी वार्ता में रुचि नहीं दिखाई. उल्टा रूस ने हमले और बढ़ा दिए.

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