अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला से जुड़े हालिया एक्शन के बाद अब मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उनका प्रशासन जल्द ही जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. इस बयान के बाद अमेरिका और मेक्सिको के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है.
फॉक्स न्यूज इंटरव्यू में ट्रंप का आरोप
फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि मेक्सिको पर इस वक्त ड्रग कार्टेल्स का प्रभावी नियंत्रण है. उन्होंने कहा कि ये कार्टेल्स अमेरिका में हर साल करीब ढाई लाख से तीन लाख लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं.
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने समुद्री रास्तों से ड्रग तस्करी को लगभग 97 प्रतिशत तक रोक दिया है, लेकिन अब कार्टेल्स जमीन के रास्ते से ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं. इसी वजह से अब रणनीति बदलकर जमीनी कार्रवाई पर फोकस किया जा रहा है. हालांकि, ट्रंप ने इस ऑपरेशन की टाइमलाइन या विस्तृत योजना साझा नहीं की.
मेक्सिको की राष्ट्रपति शीनबॉम का तीखा जवाब
ट्रंप के बयानों पर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी देश का मालिक नहीं है और मेक्सिको अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा.
शीनबॉम ने कहा कि मेक्सिको एक स्वतंत्र राष्ट्र है और किसी भी तरह के विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच ड्रग तस्करी रोकने को लेकर सहयोग संभव है, लेकिन अमेरिकी सैनिकों की तैनाती का सवाल ही नहीं उठता.
ट्रंप का दावा: कई बार भेज चुके हैं सैनिकों की पेशकश
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कई बार राष्ट्रपति शीनबॉम से अमेरिकी सैनिकों को मेक्सिको भेजकर ड्रग कार्टेल्स को खत्म करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन हर बार इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया.
मेक्सिको की राष्ट्रपति ने इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सहयोग और हस्तक्षेप में बड़ा अंतर होता है और मेक्सिको केवल सहयोग को ही स्वीकार करता है.
एयर स्ट्राइक और जमीनी ऑपरेशन की योजना
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ बड़े सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर चुका है. अक्टूबर 2025 में NBC न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका मेक्सिको में सेना और खुफिया एजेंसियों को तैनात करने की तैयारी कर रहा है.
इस रिपोर्ट में दो मौजूदा और दो सेवानिवृत्त अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया था कि इस मिशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) भी शामिल हो सकती है. अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन से जुड़ी शुरुआती ट्रेनिंग भी शुरू हो चुकी है और जरूरत पड़ने पर मेक्सिको की जमीन पर कार्रवाई की जा सकती है.
ड्रोन और हवाई हमलों पर भी विचार
NBC न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित ऑपरेशन में अमेरिका की ज्वाइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) की टीमें शामिल हो सकती हैं, जो CIA के दायरे में काम करेंगी.
योजना के तहत ड्रग लैब्स, तस्करी नेटवर्क और कार्टेल सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रोन स्ट्राइक और हवाई हमलों का विकल्प भी रखा गया है. कुछ ड्रोन ऐसे होते हैं जिनके संचालन के लिए जमीन पर ऑपरेटरों की जरूरत होती है, जिससे जमीनी मौजूदगी की आशंका और बढ़ जाती है.
ड्रग कार्टेल्स को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है
फरवरी 2025 में अमेरिकी विदेश विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए 6 मेक्सिकन ड्रग कार्टेल्स, MS-13 गैंग और वेनेजुएला के ‘ट्रेन डे अरागुआ’ गिरोह को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था.
इस कदम के बाद अमेरिकी सेना और CIA को इन संगठनों के खिलाफ गुप्त ऑपरेशन चलाने की कानूनी छूट मिल गई. ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि उन्होंने वेनेजुएला में CIA को कार्रवाई की मंजूरी दी थी और जरूरत पड़ने पर ड्रग कार्टेल्स को जमीन पर भी निशाना बनाया जाएगा.
मेक्सिको: दुनिया के सबसे बड़े ड्रग नेटवर्क
मेक्सिको को दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है. यहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स अमेरिका तक पहुंचते हैं.
अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, अमेरिका में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है, जहां हर साल लाखों लोग नशे की लत में फंसते हैं और फेंटेनाइल जैसी ड्रग्स से हजारों मौतें होती हैं.
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