अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आक्रामक व्यापार नीति को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्थिरता का “सबसे प्रभावी हथियार” बताते हुए कहा है कि उनकी टैरिफ रणनीति की वजह से कई बड़े वैश्विक संघर्ष टल गए. ट्रंप ने दावा किया कि अब तक आठ संभावित युद्ध रोके जा चुके हैं, जिनमें से पाँच युद्ध केवल अमेरिकी टैरिफ की कठोर चेतावनी के चलते रुके.
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट की गई एक विस्तृत टिप्पणी में दिया. उन्होंने लिखा कि टैरिफ सिर्फ आर्थिक कदम नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी रणनीति है जो “बिना गोलियाँ चलाए युद्ध रोकने” में सक्षम है.
टैरिफ को बताया कूटनीतिक हथियार
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अन्य देशों पर लगाए गए उच्च आयात शुल्कों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ विदेश नीति को भी एक नई दिशा दी है. उनके अनुसार, अमेरिका की चेतावनियों ने कई देशों को सैन्य तनाव कम करने पर मजबूर किया.
उन्होंने दावा किया कि कई बार टकराव की स्थिति ऐसी थी जहाँ हालात “युद्ध की ओर बढ़ सकते थे”, लेकिन अमेरिका की कड़ी आर्थिक शर्तों ने उन्हें रोक दिया. ट्रंप ने लिखा, “जब देशों को पता चलता है कि अमेरिका 300%–350% तक टैरिफ बढ़ा सकता है, तो वे खुद पीछे हट जाते हैं. इससे अमेरिकी सैनिकों को लड़ने की जरूरत ही नहीं पड़ती.”
ट्रंप इससे पहले भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि उनकी नीतियों ने “दुनिया को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.”
भारत–पाकिस्तान पर भी संदर्भ
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अतीत में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में भूमिका निभाई थी. उनका कहना है कि उन्होंने उच्च टैरिफ की चेतावनी देकर दोनों देशों को आक्रामक कदम उठाने से रोका.
भारतीय या पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इस बयान की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ट्रंप इसे अपनी कूटनीतिक उपलब्धियों में प्रमुख मानते हैं.
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में टैरिफ नीति का प्रभाव
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि टैरिफ ने अमेरिकी उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा दी है. उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ महीनों में अमेरिकी शेयर बाजार नौ बार ऐतिहासिक ऊँचाई छू चुका है, जो इस रणनीति के सकारात्मक असर को दर्शाता है.
हालाँकि विशेषज्ञों की राय इससे अलग है. अमेरिकी आर्थिक विश्लेषक यह कहते रहे हैं कि अत्यधिक टैरिफ वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता पैदा करते हैं, जिससे कई देशों की सप्लाई चेन प्रभावित होती है.
भारत पर अमेरिकी टैरिफ का असर
ट्रंप प्रशासन ने भारत पर भी कई उच्च आयात शुल्क लागू किए, जिनका असर विभिन्न सेक्टर्स पर पड़ा—
अमेरिका ने भारत के कुछ निर्यात उत्पादों पर 50% तक टैरिफ लगाए थे. इनमें से कई शुल्क रूस से भारत के सस्ते कच्चे तेल की खरीद को लेकर लगाए गए, जिसे अमेरिका अपने बाजार के लिए “डिसरप्टिव” मानता रहा है.
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