काहिरा: भारत के दोस्त, मुस्लिम देश मिस्र में एक ऐतिहासिक खजाना मिला है, जो जमीन में दफन अरबों डॉलर की कीमत का है. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह खजाना निकालकर बेचा जाता है, तो इससे मिस्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा हो सकता है. मिस्र जो इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, इस खजाने से अपनी स्थिति को सुधारने की उम्मीद जताई जा रही है. खजाना मिलने से न केवल देश के घरेलू उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ऊर्जा आयात में भी कमी आएगी.
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान
मिस्र के पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्रालय (MoMPR) ने पश्चिमी रेगिस्तान में एक नई प्राकृतिक गैस खोज की घोषणा की है. यह खोज बद्र अल-दीन पेट्रोलियम कंपनी (BAPETCO) द्वारा की गई है, जो बद्र-15 क्षेत्र में BED 15-31 कुएं के माध्यम से सफलतापूर्वक की गई. मंत्रालय के मुताबिक, इस कुएं से रोजाना 16 मिलियन क्यूबिक फीट गैस और 750 बैरल कंडेन्सेट उत्पादन हो रहा है. इस खोज से मिस्र के गैस भंडार में लगभग 15 बिलियन क्यूबिक फीट गैस की वृद्धि होने की उम्मीद है.
तकनीकी पुनर्मूल्यांकन और भविष्य की योजनाएं
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि भविष्य में इस जलाशय के और अधिक उपयुक्त स्थानों का पता लगाने के लिए तकनीकी पुनर्मूल्यांकन का काम चल रहा है. इसके साथ ही, उत्पादन को बढ़ाने और प्राकृतिक गैस संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए कार्रवाई की जा रही है. मंत्रालय की रणनीति के अनुसार, यह खोज न केवल निवेश आकर्षित करेगी, बल्कि मिस्र को प्राकृतिक गैस उत्पादन और निर्यात के लिए एक क्षेत्रीय केंद्र बनाने में भी मददगार साबित होगी.
मिस्र में ऊर्जा उत्पादन में निरंतर वृद्धि
मिस्र का ऊर्जा उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, और 2025 में पश्चिमी रेगिस्तान में कई नई खोजें हो रही हैं. सबसे ताजा खोज 27 अगस्त 2025 को हुई, जब अगिबा पेट्रोलियम कंपनी ने "नॉर्थ डीप लोटस-1" कुएं से प्रतिदिन लगभग 1,835 बैरल कच्चे तेल और 7 मिलियन क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन करने की घोषणा की. इस खोज से मिस्र के भंडार में करीब 5 मिलियन बैरल तेल समतुल्य (बीओई) बढ़ने का अनुमान है.
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