पैसों के लिए बेकसूर को जिंदा जलाया, मरा हुआ पति निकला जिंदा, बीमा क्लेम हड़पने की खौफनाक साजिश

Chitrakoot News: चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र के सिकरी अमान गांव में 30 जून को एक जलती हुई ऑल्टो कार से मिला अधजला शव, एक बड़े और खौ़फनाक राज़ को उजागर करता है. यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि बीमे की रकम हड़पने की एक जघन्य साजिश का हिस्सा था, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी.

Fake death for insurance money 2 crore insurance scam in Chitrakoot
Image Source: Social Media

Chitrakoot News: चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र के सिकरी अमान गांव में 30 जून को एक जलती हुई ऑल्टो कार से मिला अधजला शव, एक बड़े और खौ़फनाक राज़ को उजागर करता है. यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि बीमे की रकम हड़पने की एक जघन्य साजिश का हिस्सा था, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी. दिलचस्प बात यह रही कि जिस शव को मृत समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह शख्स जिंदा निकल आया. अब पुलिस ने इस हत्या के आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.

बीमा क्लेम के लिए रची गई साजिश

इस साजिश के मास्टरमाइंड थे रीवा के निवासी सुनील सिंह. सुनील पर एक बड़ा कर्ज और कई बीमा पॉलिसी का दबाव था. अपनी वित्तीय समस्याओं से बचने के लिए, उसने बीमा क्लेम और लोन से बचने की खातिर एक खौ़फनाक साजिश रची. सुनील ने यूट्यूब पर एक साउथ इंडियन फिल्म देखकर खुद को मृत दिखाने का प्लान बनाया. इसके बाद, उसने अपने जैसे कद-काठी वाले विनय चौहान को निशाना बनाया, और उसे शराब पिलाकर एक सुनसान जगह पर ले जाकर जिंदा जला दिया.

शव की पहचान में हुआ चौंकाने वाला मोड़

सिकरी अमान गांव में मिली जली हुई कार में मिले शव को सुनील की पत्नी, हेमा सिंह ने अपने पति के रूप में शिनाख्त कर अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन पुलिस को कुछ शक हुआ क्योंकि हेमा डीएनए टेस्ट से बच रही थी. पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सुनील को जीवित अवस्था में पकड़ा और पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. पता चला कि वह शव कोई और था—रीवा के विनय चौहान का, जो 29 जून से लापता था.

पुलिस की सूझबूझ से खुलासा

इस मामले में पुलिस ने सटीक जांच और सूझबूझ से आरोपियों को गिरफ्तार किया. सुनील और उसकी पत्नी हेमा के खिलाफ हत्या, साजिश, धोखाधड़ी और सबूत नष्ट करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने विनय के भाई का डीएनए सैंपल लेकर शव की पुष्टि की.

पुलिस टीम को मिले पुरस्कार

इस सनसनीखेज कांड को सुलझाने के लिए एसपी अरुण कुमार सिंह ने पुलिस टीम को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है. सुनील ने पूछताछ में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की कड़ी जांच के सामने वह टूट गया और सारे राज उगल दिए. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस कांड में किसी और का भी हाथ था.

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