CV भेजने के ही कुछ ही मिनटों बाद मिल गया रिप्लाई, लोगों ने कहा-ऐसा रिजेक्शन सभी कंपनियों को अपनाना चाहिए

नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए सबसे मुश्किल हिस्सा होता है—जवाब का इंतजार. कई बार मेल किया जाता है, सीवी भेजा जाता है, फिर हफ्तों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती. लेकिन इस बार एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को हैरानी में डाल दिया.

Fastest rejection ever saved lot of time for me post viral on social media
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नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए सबसे मुश्किल हिस्सा होता है—जवाब का इंतजार. कई बार मेल किया जाता है, सीवी भेजा जाता है, फिर हफ्तों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती. लेकिन इस बार एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को हैरानी में डाल दिया. कोलकाता के एक डेवलपर को रिज्यूमे भेजने के केवल कुछ ही मिनट बाद रिजेक्शन मिल गया और उन्होंने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करते ही इसे वायरल कर दिया.


एक्स (ट्विटर) यूजर कृष्णव कनोई ने बताया कि उन्होंने रात 11:47 बजे अपना रिज्यूमे हायरिंग मैनेजर को भेजा था. सिर्फ छह मिनट बाद, ठीक 11:53 बजे, उनके फोन पर जवाब आया—संक्षिप्त, विनम्र और बेहद क्लियर. संदेश में लिखा था कि फिलहाल कंपनी को अधिक अनुभवी डेवलपर की जरूरत है, लेकिन उनका काम अच्छा है और आगे के लिए शुभकामनाएं.इतनी तेज़ प्रतिक्रिया देखकर खुद कृष्णव भी हैरान रह गए और इसे अपने जीवन का “सबसे तेज़ रिजेक्शन” बताया.

उम्मीदवार ने नहीं दुख मनाया, बल्कि तारीफ की

अक्सर रिजेक्शन मिलने पर उम्मीदवार निराश हो जाते हैं, लेकिन कृष्णव ने इसे बिल्कुल अलग रूप में देखा. उन्होंने कहा कि तुरंत जवाब मिलने से समय की बचत हुई और बेवजह के फॉलो-अप की परेशानी भी नहीं रही.उनके अनुसार, यह ईमानदारी हर हायरिंग प्रोसेस में होनी चाहिए. इसलिए उन्होंने इस पूरी घटनाक्रम को पॉजिटिव तरीके से शेयर किया, जिसे लोगों ने दिल खोलकर सराहा.

सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा—“ऐसा रिजेक्शन सभी कंपनियों को अपनाना चाहिए”

कृष्णव की पोस्ट देखते ही यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई लोगों ने रिक्रूटर की पारदर्शिता की तारीफ करते हुए कहा कि जल्दी रिजेक्शन असल में हफ्तों की प्रतीक्षा से कहीं बेहतर होता है.किसी ने लिखा कि ऐसा व्यवहार नौकरी तलाश रहे लोगों पर से बोझ कम करता है, जबकि अन्य ने कहा कि अक्सर कंपनियां या तो महीनों तक चुप रहती हैं या अचानक गायब हो जाती हैं. इसलिए ऐसा रिजेक्शन स्टाइल हर कंपनी में अपनाया जाना चाहिए.इस पूरे मामले ने एक बार फिर हायरिंग में ट्रांसपेरेंसी और ईमानदार संचार की कमी की ओर ध्यान खींचा है. लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि समय पर मिला ‘ना’ भी एक तरह की राहत होती है—और यह संस्कृति अब सामान्य होनी चाहिए.

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