Fever Dreams: बीमार होने के दौरान डरावने सपने क्यों आते हैं, इसके पीछे क्या कारण है?

Fever Dreams: बीमार होना किसी के लिए भी आसान काम नहीं होता. खासकर जब शरीर में बुखार या फ्लू जैसी समस्या हो, तो रोज़मर्रा की गतिविधियाँ भी मुश्किल हो जाती हैं. ऐसे समय में सिरदर्द, नाक बहना, लगातार छींकना, बदन दर्द और तेज बुखार जैसी समस्याएँ आम होती हैं.

Fever Dreams Why do scary dreams occur while being sick what is the reason behind it
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Fever Dreams: बीमार होना किसी के लिए भी आसान काम नहीं होता. खासकर जब शरीर में बुखार या फ्लू जैसी समस्या हो, तो रोज़मर्रा की गतिविधियाँ भी मुश्किल हो जाती हैं. ऐसे समय में सिरदर्द, नाक बहना, लगातार छींकना, बदन दर्द और तेज बुखार जैसी समस्याएँ आम होती हैं. लेकिन सिर्फ ये ही नहीं, बीमारी का असर हमारी नींद पर भी पड़ता है. अक्सर लोग इस दौरान सपनों के अजीब और डरावने होने की शिकायत करते हैं. इन्हें आम तौर पर “फीवर ड्रीम्स” कहा जाता है.

फीवर ड्रीम्स, यानी बुखार के दौरान आने वाले सपने, सामान्य सपनों की तुलना में ज्यादा जीवंत, भावुक और कभी-कभी डरावने होते हैं. नींद खुलते ही हमें बेचैनी, उलझन या असहज महसूस हो सकता है. तो आखिर, बीमारी में सपने इतने अलग क्यों हो जाते हैं?

फीवर ड्रीम्स क्या होते हैं?

बुखार आने पर हमारे शरीर में कई बदलाव होते हैं. शरीर का तापमान बढ़ जाता है और मस्तिष्क की गतिविधियाँ भी सामान्य से अलग हो जाती हैं. यही बदलाव हमारे सपनों की प्रकृति को बदल देते हैं.

फीवर ड्रीम्स आमतौर पर REM स्लीप (Rapid Eye Movement) स्टेज में होते हैं, जो नींद का वह चरण है जिसमें सपने सबसे अधिक वास्तविक और जीवंत लगते हैं. शोध बताते हैं कि लगभग 94 प्रतिशत लोगों ने फीवर ड्रीम्स को नकारात्मक, परेशान करने वाला या डरावना बताया है. इसका मतलब यह है कि बुखार के दौरान मस्तिष्क भावनाओं और यादों को अलग तरीके से संसाधित करता है, जिससे सपने अधिक विचित्र और कभी-कभी डरावने बन जाते हैं.

फीवर ड्रीम्स क्यों आते हैं?

जब शरीर में बुखार होता है, तो शरीर का तापमान नियंत्रित करना कठिन हो जाता है. इसे ओवरहीटेड ब्रेन थ्योरी के जरिए समझाया जाता है. जब मस्तिष्क गर्म हो जाता है, तो उसकी सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होती है. इस स्थिति में नींद में सपने सामान्य से अधिक तीव्र और अजीब हो जाते हैं.

REM स्लीप के दौरान शरीर का तापमान पहले से ही असंतुलित होता है. जब बुखार जुड़ता है, तो यह असंतुलन और बढ़ जाता है. परिणामस्वरूप, सपने डरावने, अजीब और कभी-कभी अवास्तविक प्रतीत होते हैं. कुछ लोग सपनों में दीवारें हिलती हुई, अंधेरा फैलता हुआ, अजीब आकार के जीव या विशाल कीड़े जैसी चीज़ें देखते हैं. यह सभी फीवर ड्रीम्स के सामान्य लक्षण हैं.

फीवर ड्रीम्स से निपटने के उपाय

हालांकि फीवर ड्रीम्स को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, कुछ आसान उपायों से इन्हें कम किया जा सकता है और नींद अधिक आरामदायक बन सकती है.

  • पर्याप्त पानी पिएं और हल्का, पौष्टिक भोजन लें: बुखार के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है.
  • आरामदायक नींद का वातावरण बनाएं: कमरे का तापमान संतुलित रखें, अंधेरा और शांति बनाए रखें.
  • बुखार कम करने की दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें.
  • नींद से पहले रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं: गहरी सांसें लें, हल्की स्ट्रेचिंग करें या ध्यान (Meditation) करें.
  • अत्यधिक तनाव और चिंता से बचें: मानसिक शांति नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है.

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