Delhi Blast: दिल्ली की राजधानी एक बार फिर आतंकवाद के भय में डूबी है. सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट ने शहर को दहशत में डाल दिया. विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पास से गुजर रहे वाहन और पैदल यात्री गंभीर रूप से प्रभावित हुए. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस धमाके में नौ लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक घायल हुए.
हमले का तरीका और घटनास्थल
घटना पीक आवर्स के दौरान हुई. जांचकर्ताओं के अनुसार, विस्फोटक सामग्री एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार में रखी गई थी. प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कार में विस्फोटक की मात्रा बहुत अधिक थी और इसे कार के ड्राइवर ने ट्रिगर किया. धमाके की तीव्रता इतनी थी कि कार के परखचे उड़ गए और आसपास की गाड़ियों व लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचा.
रवाना की गई दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और घायलों को पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया. कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी किया गया.
संदिग्ध हमलावर की पहचान
सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक जांच से यह संकेत मिला कि कार ब्लास्ट का आरोपी डॉक्टर उमर उ नबी हो सकता है. यह व्यक्ति फरीदाबाद के रेडिकल नेटवर्क, जिसे मीडिया और पुलिस ने ‘फरीदाबाद मॉड्यूल’ कहा है, से जुड़ा हुआ था.
घटना स्थल से एक कटा हुआ हाथ बरामद हुआ है, जिसे डॉक्टर उमर का माना जा रहा है. कश्मीर में उनके परिवार के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि हमलावर की पहचान पक्की की जा सके.
CCTV फुटेज में एक नीली शर्ट पहने व्यक्ति को कार के पास देखा गया, जिसे उमर के रूप में पहचाना जा रहा है. फुटेज धमाके से ठीक पहले का बताया जा रहा है.
डॉक्टर उमर की पृष्ठभूमि
जांचकर्ताओं ने पुष्टि की है कि उमर उ नबी पुलवामा, जम्मू-कश्मीर का मूल निवासी है.
उमर ने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद वह GMC अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत रहे और फिर दिल्ली आए. वर्तमान में वह फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थे.
पुलिस ने उमर के परिवार के सदस्यों दोनों भाइयों और मां को हिरासत में लिया है ताकि उनसे पूछताछ की जा सके.
फरीदाबाद मॉड्यूल और रेडिकलाइजेशन
जांच में यह सामने आया कि उमर एक ग्रुप ऑफ मेडिकल प्रोफेशनल्स का हिस्सा था, जो टेलीग्राम और अन्य एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय थे. यह ग्रुप रेडिकलाइज्ड था और आतंकवादी गतिविधियों की योजना में शामिल था.
फरीदाबाद मॉड्यूल का सदस्य डॉक्टर अदील भी इस नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा माना जा रहा है. दोनों ने मेडिकल पेशे की आड़ में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया, जिसमें विस्फोटक जुटाना और नेटवर्क बनाना शामिल था.
पुलिस ने हाल ही में इस मॉड्यूल पर छापेमारी की थी, जिसके बाद उमर फरार हो गया और उसने अपने पास रखे विस्फोटक का उपयोग करके हमला किया.
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