पाई-पाई को मोहताज हो जाएगा पाकिस्तान, भारत ने कर ली बड़े प्रहार की तैयारी, ADB से की फंडिंग रोकने की मांग

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरने की रणनीति तेज कर दी है. भारत अब कूटनीति और आर्थिक दबाव के ज़रिए भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. इस कड़ी में भारत ने पहले ‘वॉटर स्ट्राइक’ के तहत चिनाब नदी का पानी रोका. वहीं अब वित्तीय सहायता को प्रभावित करने का भी अहम मोर्चा खोल दिया है. 

FM Nirmala Sitharaman demands ADB to cut Pakistan funding
File Image Source ANI

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरने की रणनीति तेज कर दी है. भारत अब कूटनीति और आर्थिक दबाव के ज़रिए भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. इस कड़ी में भारत ने पहले ‘वॉटर स्ट्राइक’ के तहत चिनाब नदी का पानी रोका. वहीं अब वित्तीय सहायता को प्रभावित करने का भी अहम मोर्चा खोल दिया है. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ADB प्रमुख से की मांग

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने एशियाई विकास बैंक (ADB) के प्रमुख मासातो कांडा (Masato Kanda) के साथ हुई बैठक में पाकिस्तान को दी जा रही फंडिंग पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया है. यही नहीं, भारत की ओर से इटली सहित अन्य यूरोपीय देशों के साथ भी इस विषय पर चर्चा की जा चुकी है. इन प्रयासों का लक्ष्य पाकिस्तान को वैश्विक आर्थिक नेटवर्क में अलग-थलग करना है.

भारत ने पाक को FATF की ग्रे लिस्ट में डालने की मांग उठाई

इसके अलावा भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में फिर से शामिल करवाने की मुहिम भी तेज़ कर दी गई है. FATF की सूची में नाम जुड़ने का मतलब होता है कि संबंधित देश को आर्थिक मदद मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. भारत का तर्क है कि पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्कों को लगातार शह मिल रही है, इसलिए उस पर आर्थिक सख्ती ज़रूरी है.

बढ़ते तनाव से PAK को होगा तगड़ा नुकसान

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस स्थिति के आर्थिक असर की भी समीक्षा की जा रही है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने हाल ही में एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. इसकी वजह है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध काफी सीमित हैं. भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम है. इसके उलट पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.

राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सख्त संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट संकेत दिया कि सरकार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के लोग जो चाहते हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुश्मन को उसी भाषा में जवाब देंगे. पीएम मोदी के नेतृत्व में जैसा आप चाहते हैं, वैसा होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को मिटा नहीं सकती है, भारत अमर रहेगा. 

ये भी पढ़ें: 'आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ..', पुतिन ने PM मोदी को मिलाया फोन, PAK के खिलाफ कर दिया बड़ा ऐलान