कल बांग्लादेश जाएंगे विदेश मंत्री एस जयशंकर, जानें अचानक क्यों लिया गया ये निर्णय

S Jaishankar Bangladesh Visit: बांग्लादेश की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया के लिए एक दुखद खबर है. देश की तीन बार की प्रधानमंत्री और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष, बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया.

Foreign Minister S Jaishankar visit Bangladesh tomorrow Will attend Khaleda Zia's funeral
Image Source: ANI/ File

S Jaishankar Bangladesh Visit: बांग्लादेश की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया के लिए एक दुखद खबर है. देश की तीन बार की प्रधानमंत्री और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष, बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन ने न केवल बांग्लादेश में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में शोक की लहर दौड़ा दी है.

खालिदा जिया की यात्रा बांग्लादेश की राजनीति में महत्वपूर्ण रही है. बीएनपी की लंबे समय तक नेतृत्व करने वाली जिया ने देश की दिशा और विकास में अहम भूमिका निभाई. उनका राजनीतिक जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.

अंतिम संस्कार की तैयारी और भारत का प्रतिनिधित्व

विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को बांग्लादेश के दौरे पर जाएंगे. उनका मुख्य उद्देश्य खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करना है. जिया को उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के कब्रस्थान के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. बांग्लादेश सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और अंतिम संस्कार वाले दिन एक दिन की सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित की गई है.

पीएम मोदी का शोक संदेश

पूर्व समकक्ष और पड़ोसी देश के नेता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया. अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बेगम खालिदा जिया ने भारत-बांग्लादेश संबंधों के विकास में अहम योगदान दिया और उनकी दूरदृष्टि हमेशा याद रखी जाएगी. पीएम ने कहा कि 2015 में ढाका में उनसे हुई सौहार्दपूर्ण मुलाकात हमेशा उनके लिए यादगार रहेगी. उन्होंने अपने संदेश में जिया के परिवार और पूरे बांग्लादेश के लोगों के प्रति संवेदना जताई और ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें इस दुखद समय में धैर्य प्रदान करें.

देश ने खोया एक राजनीतिक दिग्गज

खालिदा जिया के निधन पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनुस ने भी देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सभी को धैर्य बनाए रखना चाहिए और शोक की अवधि में अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी औपचारिकताओं में सहयोग करना चाहिए. उनके निधन ने बीएनपी और पूरे देश में एक बड़ा राजनीतिक खालीपन पैदा किया है.

चुनावी दौर और राजनीतिक संकट

पूर्व प्रधानमंत्री का निधन ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश आंतरिक संघर्ष और अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. हाल ही में देश में हादी की हत्या और उसके बाद बड़े स्तर पर प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया है. फरवरी में आम चुनाव होने हैं, और नामांकन की प्रक्रिया जारी है. अब यह देखना बाकी है कि खालिदा जिया की अनुपस्थिति में उनकी पार्टी अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रख पाएगी या नहीं.

विरासत और यादें

खालिदा जिया की राजनीतिक यात्रा देश के लिए हमेशा प्रेरणास्पद रही. उन्होंने कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया और महिलाओं के नेतृत्व को मजबूती देने में अहम योगदान दिया. उनके निधन के बाद न केवल बीएनपी बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य में उनका खालीपन महसूस किया जाएगा.

खालिदा जिया की स्मृति, उनके योगदान और उनके राजनीतिक संघर्ष को हमेशा याद किया जाएगा. उनके अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करना, दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.

ये भी पढ़ें- ज्यादातर लोगों को नहीं मालूम iPhone के ये कमाल के ट्रिक्स, करते हैं गजब के काम, आप भी करें ट्राई