इस्लामाबाद: दिल्ली में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य हलचल तेज हो गई है. भारत की ओर से किसी आधिकारिक सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, फिर भी पाकिस्तान के शीर्ष नेता लगातार संभावित भारतीय प्रतिक्रिया को लेकर बयान दे रहे हैं. इसी क्रम में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि भारत कई दिशाओं से पाकिस्तान पर हमला कर सकता है, इसलिए देश को उच्च सतर्कता पर रखा गया है.
बीते कुछ दिनों से ख्वाजा आसिफ विभिन्न मीडिया मंचों पर भारत से संभावित खतरे की बात दोहराते दिख रहे हैं. उनका कहना है कि दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में हुई घटनाओं के बाद भारत पाकिस्तान को निशाना बना सकता है. आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था इस संभावना को लेकर चिंतित है और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
आसिफ ने इंटरव्यू में क्या कहा?
समा टीवी को दिए अपने ताजा इंटरव्यू में आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान भारत को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं कर सकता. उनके अनुसार:
आसिफ का आरोप है कि भारत नहीं चाहता कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात सामान्य हों, इसलिए दोनों देशों के बीच संवाद के प्रयास प्रभावित होते हैं.
भारत की ओर से अब तक कोई सैन्य कदम नहीं
दिल्ली धमाके के बाद भारत ने किसी विशिष्ट सैन्य ऑपरेशन की घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान यात्रा के दौरान कहा था कि हमले के पीछे शामिल सभी लोगों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा. भारत ने स्पष्ट किया है कि आतंकी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.
भारतीय सेना की प्रतिक्रिया
भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख करते हुए कहा था कि यह सिर्फ एक प्रारंभिक कार्रवाई थी और भारतीय सेना किसी भी भविष्य परिस्थिति के लिए तैयार है. उनका यह भी बयान आया कि यदि पाकिस्तान कोई अवसर देता है, तो भारत उसे जिम्मेदार पड़ोसी होने का महत्व समझा देगा.
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सेना और सुरक्षा एजेंसियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की राजनीतिक नेतृत्व के भीतर यह चिंता स्पष्ट है कि भारत किसी भी वक्त सीमित दायरे में कार्रवाई कर सकता है.
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