ग्रेटर नोएडा: जल्दी अमीर बनने के नाम पर लोगों से की ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़े 8 आरोपी

आरोपी सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म जैसे गूगल मीट का इस्तेमाल करके लोगों से जुड़ते थे. उन्हें सोना, हीरा, घड़ी जैसी महंगी वस्तुएं खरीदने-बेचने के एवज में अच्छा मुनाफा देने का वादा करते थे. फिर, 1.5 लाख रुपये की शर्त रखकर निवेश के लिए लोगों को झांसा देते थे.

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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Freepik

Greater Noida News: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. थाना ईकोटेक पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से 8 ठगों को गिरफ्तार किया, जो लोगों को जल्द अमीर बनने का लालच देकर लाखों की ठगी करते थे.

साइबर ठगी के मास्टरमाइंड गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विधान डागर, सतीश शाव, कल्पेश राजू भाई, गुरविंदर सिंह, गुरदीप सिंह, कौशिक डागर, गणेश बेरा और तापस धारा शामिल हैं. ये सभी आरोपी ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में किराए के घरों में रहकर इस ठगी का नेटवर्क चला रहे थे. पुलिस के अनुसार, आरोपी क्यूनेट और विहान नामक ऑनलाइन कंपनियों के नाम पर लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें महंगे उत्पादों में भारी मुनाफे का लालच देते थे.

कैसे काम करता था ठगी का जाल?

आरोपी सोशल मीडिया और वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म जैसे गूगल मीट का इस्तेमाल करके लोगों से जुड़ते थे. उन्हें सोना, हीरा, घड़ी जैसी महंगी वस्तुएं खरीदने-बेचने के एवज में अच्छा मुनाफा देने का वादा करते थे. फिर, 1.5 लाख रुपये की शर्त रखकर निवेश के लिए लोगों को झांसा देते थे. एक बार कोई व्यक्ति इनसे जुड़ता था, तो उन्हें और अधिक निवेश करने के लिए दबाव डाला जाता था और लोन का लालच दिया जाता था. इस प्रकार, लोग धीरे-धीरे जाल में फंसकर भारी नुकसान उठा बैठते थे.

मिलें ये सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 लैपटॉप, 13 मोबाइल फोन, 5 टैबलेट, 30 एटीएम कार्ड, 1 करोड़ रुपये का चेक, 4 महंगी घड़ियां और एक स्विफ्ट कार जब्त की है. अब पुलिस इन आरोपियों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि उनके अन्य सहयोगियों और इस फर्जी नेटवर्क से जुड़े लोगों का भी पता चल सके. 

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