जो सरकार अपने ही गोदामों की खाद अन्नदाता तक नहीं पहुंचा सकती, वह किसान हितैषी होने का दावा किस मुंह से करती है: Gehlot

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गोदामों में 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खाद भरी होने की खबर को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।

जो सरकार अपने ही गोदामों की खाद अन्नदाता तक नहीं पहुंचा सकती, वह किसान हितैषी होने का दावा किस मुंह से करती है: Gehlot

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गोदामों में 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खाद भरी होने की खबर को लेकर प्रदेश की भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है।

अशोक गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि भाजपा सरकार के कृषि विभाग की सबसे शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, गोदामों में 3 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा खाद भरी पड़ी है और किसान घंटों लाइन में खड़े होकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं। पहले कमजोर मानसून ने खरीफ की बुआई लक्ष्य से 14.88 लाख हेक्टेयर घटा दी, अब खाद न मिलने से बची-खुची फसलें भी चौपट होने की कगार पर हैं।

गहलोत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार स्टॉक पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं, फिर भी भरतपुर सहित कई जिलों में किसान कतारों में धक्के खा रहे हैं। यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित लूट है, दुकानदार और सोसाइटियां जानबूझकर किल्लत दिखाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि 266 रुपए की यूरिया बोरी किसान तक 500 रुपए में पहुंचाई जा रही है, जबकि किसानों के हिस्से की खाद उद्योगों में भेजा जा रहा है।

अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए, पर वह सिर्फ दिखावा साबित हुआ
गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि विभाग ने निगरानी के नाम पर अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए, पर वह सिर्फ दिखावा साबित हुआ। जो सरकार अपने ही गोदामों की खाद अन्नदाता तक नहीं पहुंचा सकती, वह किसान हितैषी होने का दावा किस मुंह से करती है?

PC: hindi.news18
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