अमेरिका की दक्षिणी सीमा से लगे मेक्सिको में इन दिनों माहौल तनावपूर्ण है. राजधानी मेक्सिको सिटी की मुख्य सड़कों पर शनिवार को अचानक एक विशाल भीड़ उमड़ पड़ी- हजारों नागरिक, हाथों में विरोध के संदेश लिए हुए, और चेहरे पर स्पष्ट नाराज़गी. इस आंदोलन की सबसे बड़ी पहचान थी Gen-Z युवाओं की भारी मौजूदगी, वे युवा जो 1990 के दशक के अंत से 2010 के शुरुआती वर्षों के बीच पैदा हुए हैं.
इन युवाओं का कहना है कि लगातार बढ़ते अपराध, राजनीतिक भ्रष्टाचार और सरकारी जवाबदेही की कमी ने देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. सोशल मीडिया पर लंबे समय से चल रहा असंतोष शनिवार को सड़कों पर खुलकर सामने आ गया.
क्यों भड़का गुस्सा?
हाल के महीनों में मेक्सिको में कई हाई-प्रोफाइल हत्याएं हुईं जिनसे जनता का भरोसा डगमगा गया. सबसे चर्चित मामला पश्चिमी राज्य मिचोआकन के लोकप्रिय मेयर कार्लोस मंजो की हत्या का था. इस घटना ने लोगों में डर और नाराजगी दोनों बढ़ा दीं.
WATCH: Clashes erupted between riot police and protesters in front of Mexico’s presidential palace.pic.twitter.com/nTaabnKzBN
— Clash Report (@clashreport) November 15, 2025
उसी दौरान युवाओं के बीच यह भावना बढ़ी कि अपराधियों पर लगाम कसने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे. यही असंतोष अब बड़े पैमाने पर विरोध में बदल गया.
युवाओं से लेकर वरिष्ठों तक... हर वर्ग सड़कों पर
दिलचस्प बात यह रही कि शुरुआत भले ही Gen-Z से हुई हो, लेकिन विरोध प्रदर्शन में धीरे-धीरे अन्य आयु वर्ग के लोग भी शामिल होते चले गए.
29 वर्षीय बिजनेस कंसल्टेंट एंड्रेस मास्सा ने बताया कि उन्हें अपने ही शहर में सुरक्षित महसूस नहीं होता. वे उस पायरेट-स्कल वाले झंडे के साथ दिखाई दिए जो हाल के वर्षों में Gen-Z विरोध आंदोलनों की अनौपचारिक पहचान बन चुका है.
इसी तरह 43 वर्षीय डॉक्टर क्लाउडिया क्रूज़ का कहना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र को उचित फंडिंग और सुरक्षा की जरूरत है क्योंकि डॉक्टर भी हिंसक माहौल का खतरा महसूस करते हैं.
दुनिया भर में Gen-Z आंदोलनों की गूंज
यह विरोध अकेला नहीं है. पिछले कुछ समय में दुनिया के कई हिस्सों में Gen-Z युवाओं ने नेतृत्व वाले आंदोलन सरकारों के लिए चुनौती बन गए हैं.
उदाहरण के तौर पर, सितंबर में नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद Gen-Z की अगुवाई में बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था. तनाव इतना बढ़ा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी और अंततः प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा.
मेक्सिको के युवा भी उसी वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा नज़र आते हैं जहाँ नई पीढ़ी सरकार से अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा की मांग कर रही है.
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