गाजियाबाद के एक ठग हर्षवर्धन जैन का पर्दाफाश हुआ है, जो 4 फर्जी दूतावास खोलकर 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बना चुका था. उसकी आपराधिक गतिविधियों में विदेशों में प्रॉपर्टी का निर्माण, फर्जी दस्तावेज बनवाना और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा शामिल थी. गाजियाबाद के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 8 करोड़ रुपये की रकम पाई गई है, जबकि उसकी विदेशों में भी प्रॉपर्टी है. हर्षवर्धन जैन के खिलाफ यूपी एसटीएफ (Special Task Force) ने जांच शुरू कर दी है और उसकी 5 दिन की रिमांड की अनुमति प्राप्त कर ली है.
गाजियाबाद के महाठग का गंदा खेल
हर्षवर्धन जैन ने अपनी काले कारोबार की शुरुआत फर्जी दूतावास खोलने से की थी. उसने गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र में 4 फर्जी दूतावास चलाए, जिनके माध्यम से उसने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की. इन दूतावासों में उसने फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार किए, जिन्हें वह विदेशों में काम करने के लिए इस्तेमाल करता था. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और उनसे मोटी रकम की वसूली करना था.
हर्षवर्धन की विदेशों में संपत्ति
जांच में यह भी सामने आया कि हर्षवर्धन जैन ने दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, और लंदन सहित कई अन्य देशों में संपत्ति बनाई थी. इसके अलावा, उसने 25 कंपनियों को भी खोल रखा था, जो उसके फर्जी कारोबार को फैलाने का हिस्सा थीं. इन संपत्तियों और कंपनियों की कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. हर्षवर्धन का जीवनशैली किसी बड़े राजनयिक या सरकारी अधिकारी से कम नहीं थी. उसकी कोठी में हमेशा बडे़ पैमाने पर नोटों की गड्डियां रखी जाती थीं और उसकी लाइफस्टाइल शानदार थी. उसके पास से बैंक खातों में भारी रकम जमा होने के सबूत मिले हैं, जिसमें गाजियाबाद के पंजाब नेशनल बैंक में 8 करोड़ रुपये और दिल्ली के एक अन्य बैंक में 3 करोड़ रुपये का जिक्र है.
एफआईआर और गिरफ्तारी
22 जुलाई की रात को हर्षवर्धन जैन को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था. यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने जांच में यह पाया कि उसके पास कई फर्जी दस्तावेज हैं और उसने विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी अधिकारियों के संपर्कों का उपयोग किया था. एसटीएफ ने उसकी 5 दिन की रिमांड हासिल की, जिसमें उसे 29 जुलाई से 2 अगस्त तक पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी में रखा जाएगा.
पुलिस का ध्यान उसकी काले लिंक पर
एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हर्षवर्धन के पास कौन से सरकारी और ब्यूरोक्रेसी के लिंक थे, जिनकी मदद से वह अपने फर्जी कारोबार को चला पा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विदेशों में उसके फर्जी दूतावासों का संपर्क कहां से आया और इन दस्तावेजों को उसने कहां से बनवाया. हर्षवर्धन के पास से 2 पैनकार्ड भी मिले हैं, जो और भी सवाल उठाते हैं.
फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा
हर्षवर्धन ने 34 देशों की 190 यात्राएं कीं, और वह इन सभी देशों में अपने फर्जी दूतावासों के जरिए अपनी काले कारोबार को फैलाता रहा. एसटीएफ और इंटेलिजेंस एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह इन देशों में यात्रा करते समय किसका सहारा लेता था और किस-किस के माध्यम से इन देशों में अपने संपर्क स्थापित करता था. एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि उसने इन देशों में कितना पैसा खर्च किया और किस स्तर पर रिश्वत ली.
हर्षवर्धन की पत्नी डिंपल जैन भी मामले में शामिल
हर्षवर्धन की पत्नी डिंपल जैन का नाम भी इस मामले में सामने आया है. वह गाजियाबाद में चांदी का कारोबार करती हैं और उनके भी कई बैंक खाते पाए गए हैं. एसटीएफ ने डिंपल के बारे में भी पूछताछ शुरू कर दी है और उनकी संपत्तियों का भी विवरण प्राप्त किया है. डिंपल के बैंक खातों में भारी रकम जमा है, और वह इस पूरे मामले में सक्रिय रूप से शामिल हैं.
ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी
हर्षवर्धन जैन के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है. इससे अब सभी देशों को उसकी जानकारी साझा करनी होगी, और यह नोटिस उन देशों में भी भेजा गया है जहां हर्षवर्धन जैन की संपत्तियां और कंपनियां हैं. इंटरपोल की मदद से इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है.
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