Ghaziabad Cyber Fraud: गाजियाबाद में साइबर अपराधियों ने एटीएस इंस्पेक्टर बनकर एक स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से 15.20 लाख रुपये ठग लिए. आरोपियों ने पीड़ित को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर मानसिक दबाव में बैंक ट्रांजेक्शन करवाए. मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.
मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर फंसा दिया
तुराबनगर निवासी 56 वर्षीय अर्जुन सिंह, जो घंटाघर स्थित एक इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, ने पुलिस को बताया कि 30 मार्च को उन्हें एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्रिपाठी बताया और कहा कि उनके नाम पर कर्नाटक में बैंक खाता खोलकर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है.
वीडियो कॉल और सरकारी दस्तावेज दिखाकर डराया
अर्जुन सिंह को ठगों ने वीडियो कॉल पर बुलाया, जिसमें उन्होंने एटीएस का लोगो, आरबीआई के कथित दस्तावेज और सरकारी कागजात दिखाए. आरोपियों ने चेतावनी दी कि यदि सहयोग नहीं किया तो पूरे परिवार को कस्टडी में ले लिया जाएगा. पीड़ित को हर घंटे रिपोर्ट देने और बैंक जाकर रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया.
10 दिन तक लगातार धमकियां और बैंक ट्रांजेक्शन
डर और मानसिक दबाव में अर्जुन सिंह ने दो अप्रैल को बैंक जाकर 2.20 लाख रुपये, चार अप्रैल को 3 लाख रुपये और छह अप्रैल को 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. लगातार 10 दिन तक ठगों की धमकियों और दबाव के चलते पीड़ित पूरी तरह सहम गया था.
परिवार की मदद से हुआ मामला उजागर
जब सात अप्रैल को ठगों ने फिर 10 लाख रुपये जमा कराने की बात कही, तो अर्जुन ने परिवार को पूरी घटना बताई. उनके बेटे ने समझाया कि यह साइबर फ्रॉड है. इसके बाद पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल और जनसुनवाई पर शिकायत दर्ज करवाई, और साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ.
पुलिस कर रही है जांच
एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है. जल्द ही आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.
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