नीले ड्रम, 121 लीटर गंगाजल... अनोखी कांवड़ लेकर निकला शिवभक्त, साहिल हत्याकांड पर कही ये बात

इस साल गाजियाबाद के एक शिवभक्त ने कांवड़ यात्रा में एक नया मोड़ दिया है. उन्होंने परंपरागत कलश की बजाय नीले ड्रम का इस्तेमाल किया, जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. इस अनोखी कांवड़ को लेकर भीम ने कहा कि 121 लीटर गंगाजल लेकर जाना था, और उसके लिए नीले ड्रम उपयुक्त थे.

Ghaziabad Shiv devotee blue drum Kaanvad with 121 liter Ganga water
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Ghaziabad Kanwadia Blue Drum: सावन का महीना जैसे-जैसे शुरू होने वाला है, कांवड़ यात्रा की तैयारियां भी तेज़ हो चुकी हैं. इस साल गाजियाबाद के एक शिवभक्त ने कांवड़ यात्रा में एक नया मोड़ दिया है. उन्होंने परंपरागत कलश की बजाय नीले ड्रम का इस्तेमाल किया, जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. इस अनोखी कांवड़ को लेकर भीम ने कहा कि 121 लीटर गंगाजल लेकर जाना था, और उसके लिए नीले ड्रम उपयुक्त थे. लेकिन उनका असल उद्देश्य इससे कहीं बढ़कर था. वह अपने माता-पिता को इस गंगाजल से नहलाना चाहते थे.

कांवड़ यात्रा: एक पवित्र परंपरा

हर साल सावन के महीने में लाखों शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर पैदल यात्रा करते हैं. वे गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं. इस यात्रा का मार्ग, खासतौर पर NH-58, भगवा रंग से रंग जाता है और कांवड़ यात्रियों की भीड़ के बीच रंग-बिरंगे ड्रम आकर्षण का केन्द्र बनते हैं. लेकिन इस साल, गाजियाबाद के भीम ने एक नई तरह की कांवड़ बनाई, जिसमें दो नीले ड्रमों का उपयोग किया गया है.

नीले ड्रम की कांवड़

भीम ने परंपरागत कांवड़ को छोड़कर दो नीले ड्रमों का चयन किया है. उनका कहना है कि 121 लीटर गंगाजल लाने के लिए बड़े पात्र की जरूरत थी, और सस्ते उपाय के तौर पर उन्होंने नीले ड्रम का इस्तेमाल किया. ये नीले ड्रम पहले से ही एक विवाद में घिरे थे. हाल ही में मेरठ में एक सच्ची घटना में इन्हीं ड्रमों का इस्तेमाल हत्या के एक मामले में किया गया था, जिससे यह ड्रम अब खौफ का प्रतीक बन चुके थे. हालांकि, भीम ने इसे मात्र एक सुविधाजनक तरीका मानते हुए कहा कि उनका ध्यान उस खौफनाक घटना पर नहीं गया था.

नीले ड्रम पर उठे सवाल

इस ड्रम को देखकर कई लोग हैरान हो गए क्योंकि कुछ समय पहले ही मेरठ में एक हत्या मामले में नीला ड्रम सुर्खियों में आया था. इसमें एक महिला और उसके प्रेमी ने अपने पति की हत्या करने के बाद शव को नीले ड्रम में भरकर सील कर दिया था. इस घटना ने पूरे इलाके में एक डर का माहौल बना दिया था. जैसे ही भीम ने नीले ड्रम की कांवड़ लेकर यात्रा शुरू की, सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो गईं, और यह चर्चा का विषय बन गया.

माता-पिता को गंगाजल से कराएंगे स्नान

भीम ने बताया कि उनका यह यात्रा सिर्फ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक तक सीमित नहीं है. वे इस 121 लीटर गंगाजल से पहले भगवान का अभिषेक करेंगे और फिर उसी जल से अपने माता-पिता को स्नान कराएंगे. उनका मानना है कि यह गंगाजल उनके माता-पिता के लिए एक आशीर्वाद की तरह होगा. भीम की यह यात्रा एक समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है, जो अपने परिवार के प्रति उनके असीम प्रेम को दर्शाती है.

राहगीरों ने जब इस कांवड़िए से नीले ड्रम के बारे में पूछा तो कांवड़िए ने बताया कि नीला ड्रम मुस्कान की वजह से बदनाम हुआ था, लेकिन अब नीले ड्रम का शुद्धिकरण की बारी है. उसने बताया कि वो गंगाजल लेकर आया है इस नीले ड्रम में और गंगाजल से अपने माता-पिता को स्नान करवाएगा.

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