गोवा की शांत रात शनिवार को एक ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया. पर्यटकों से भरे इस समुद्री राज्य में अर्पोरा गांव का एक मशहूर नाइटक्लब अचानक आग की लपटों में घिर गया. जो जगह संगीत, रोशनी और पार्टी के शोर से गूंजती रहती थी, कुछ ही पलों में वहां अफरा-तफरी, धुआं और चीखों की गूंज सुनाई देने लगी. रात करीब बारह बजे हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने 23 लोगों की जिंदगी एक झटके में खत्म कर दी.
पुलिस के अनुसार, हादसा तब शुरू हुआ जब बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के ग्राउंड फ्लोर स्थित किचन एरिया में अचानक गैस सिलेंडर फट गया. धमाका इतना जोरदार था कि चंद सेकंडों में आग तेजी से फैलकर पूरे क्लब को अपनी गिरफ्त में ले गई.आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी. देखते ही देखते पूरा इलाका सायरनों और बचाव वाहनों से भर गया. गोवा डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि रात 12:04 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल दर्ज हुई और तत्काल पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गए. कुछ घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और 23 शव बरामद किए गए.
सीएम प्रमोद सावंत मौके पर पहुंचे, मृतकों में किचन स्टाफ और पर्यटक भी शामिल
हादसे की जानकारी मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो भी घटनास्थल पहुंचे. मुख्यमंत्री ने हादसे को “बेहद दुखद और हृदयविदारक” बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति शोक व्यक्त किया.सावंत के मुताबिक, मारे गए लोगों में ज्यादातर किचन स्टाफ के सदस्य थे, जिनमें तीन महिलाएं भी थीं. इसके अलावा तीन से चार पर्यटक भी इस हादसे का शिकार हुए.उन्होंने बताया कि 23 में से तीन लोगों की मौत जलने से, जबकि बाकी लोगों की दम घुटने से हुई.
क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई?
हादसे के बाद यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या क्लब में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था?मुख्यमंत्री सावंत ने स्पष्ट कहा कि “शुरुआती जांच में पता चला है कि क्लब ने फायर सेफ्टी के नियमों का पालन नहीं किया था. क्लब मैनेजमेंट और उन संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने सुरक्षा की अनदेखी करके ऑपरेशन की अनुमति दी. उन्होंने इस घटना को पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि मामले की व्यापक जांच की जाएगी.
स्टाफ और स्थानीय लोगों की सतर्कता से कई लोगों की जान बची
नाइटक्लब के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि आग फैलते ही अंदर मौजूद कुछ लोग समय रहते बाहर निकल गए. स्टाफ ने तेजी से बाहर निकलने में मदद की, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ने से बच गई.फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें पूरी रात राहत और बचाव कार्य में लगी रहीं. बरामद शवों को बंबोलिम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.
जांच जारी, जिम्मेदार कौन, इस पर टिकी सभी की नजरें
घटनास्थल पर जांच टीमें लगातार काम कर रही हैं.सुरक्षा नियमों में लापरवाही, सिलेंडर की क्वालिटी, किचन में मेंटेनेंस—हर पहलू की जांच की जा रही है.सीएम ने आश्वासन दिया कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.
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