गोरखपुर में 2 साल के बच्चे पर आवारा कुत्तों ने किया अटैक, चेहरे और हाथ को बुरी तरह नोंचा, हालत गंभीर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. सहजनवा थाना क्षेत्र के डुमरी चौराहे पर दो साल का मासूम बच्चा उस समय बुरी तरह घायल हो गया जब उस पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया.

Gorakhpur 2-year-old critically injured in stray dog attack hospitalized
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Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक रौंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. सहजनवा थाना क्षेत्र के डुमरी चौराहे पर दो साल का मासूम बच्चा उस समय बुरी तरह घायल हो गया जब उस पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया. यह दर्दनाक हादसा तब हुआ जब बच्चा अपने घर के बाहर मासूमियत से खेल रहा था.

खेलते-खेलते निकला बाहर

डुमरी चौराहे पर रहने वाले रामपाल राज अपने परिवार के साथ रहते हैं. रामपाल एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और काम के सिलसिले में ज़्यादातर समय घर से बाहर ही रहते हैं. हाल ही में वे खेती से जुड़े कामों के चलते घर आए हुए थे. उसी दौरान उनका दो साल का बेटा सुंदरम घर के सामने खेलते-खेलते बाहर निकल गया. किसी को भनक तक नहीं लगी कि बच्चा अकेला इतना दूर निकल आया है.

कुत्तों का झुंड बना जानलेवा

कुछ ही देर में 7-8 आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और उन्होंने नन्हे सुंदरम पर हमला कर दिया. बच्चे के चेहरे का मांस नोंच लिया गया और हाथ पर भी गहरी चोटें आईं. बच्चे की मां जब बाहर आई तो उसने अपने लाल को खून से लथपथ कुत्तों से घिरा देखा. उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और लाठी-डंडों से कुत्तों को भगाया.

10 टांकों के साथ चल रहा इलाज

हमले के बाद बच्चे को तुरंत नजदीकी सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया. बाद में परिजन उसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए जहां उसका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के चेहरे पर करीब 10 टांके लगे हैं और हाथ में भी गहरे घाव हैं.

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या बनी खतरा

यह घटना एक बार फिर नगर प्रशासन और ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर रही है. आए दिन ऐसी घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही हैं, लेकिन अब बच्चों की जान पर बन आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इन कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. सुंदरम के माता-पिता गहरे सदमे में हैं. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाई जाए ताकि किसी और मासूम की जिंदगी खतरे में न पड़े.

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