नया ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 1 अक्टूबर से होगा लागू, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी, जानें नियम

भारत सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह लगाम कसने का ऐलान कर दिया है, जो इंटरनेट पर पैसे दांव पर लगाकर खेले जाते हैं. 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाला नया कानून न केवल इन जुए जैसे खेलों को बंद करेगा, बल्कि इनके प्रचार और लेन-देन पर भी कड़ा प्रहार करेगा.

Government to enforce Online Games Promotion Regulation Act from October 1
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नई दिल्ली: भारत सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूरी तरह लगाम कसने का ऐलान कर दिया है, जो इंटरनेट पर पैसे दांव पर लगाकर खेले जाते हैं. 1 अक्टूबर 2025 से लागू होने वाला नया कानून न केवल इन जुए जैसे खेलों को बंद करेगा, बल्कि इनके प्रचार और लेन-देन पर भी कड़ा प्रहार करेगा. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों और कंपनियों को जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. यह कदम सामाजिक और आर्थिक नुकसान को रोकने की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है. 

सरकार का बयान

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार, 18 सितंबर 2025 को इस कानून के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार पिछले तीन सालों से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों से बातचीत कर रही थी. अब संसद से कानून पास हो गया है और इसके नियम भी तय कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा, “हमने बैंकों, कंपनियों और बाकी सभी से बात की है. अब वक्त आ गया है कि इन नियमों को लागू किया जाए. अगर किसी को तैयारी के लिए थोड़ा और समय चाहिए तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन फिलहाल हम 1 अक्टूबर से इसे लागू कर रहे हैं.” वैष्णव ने ये भी कहा कि सरकार पूरी तरह सलाह-मशवरे पर भरोसा करती है और नियम लागू करने से पहले उद्योग के लोगों से एक और बातचीत की जाएगी.

कौन से गेम आएंगे निशाने पर?

नया कानून ऑनलाइन मनी गेम्स को पूरी तरह प्रतिबंधित करता है, जिनमें पैसे दांव पर लगाए जाते हैं. इसमें न केवल गेम खेलना, बल्कि उनका प्रचार करना और पैसे का लेन-देन करना भी शामिल है. नियम तोड़ने वालों के लिए सजा कठोर है प्रचार करने वालों को 2 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना, जबकि लेन-देन में शामिल बैंकों या पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को 3 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. बार-बार उल्लंघन करने वालों की सजा और जुर्माना और सख्त होगा. सरकार का संदेश स्पष्ट है: इन गेम्स से दूरी बनाएं, वरना कानूनी कार्रवाई तय है.

बैंकों और फिनटेक कंपनियों को चेतावनी

सरकार ने बैंकों और फिनटेक कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने सिस्टम को नए नियमों के अनुरूप अपडेट करें. सितंबर 2025 में हुई एक बैठक में इन कंपनियों ने तकनीकी बदलावों के लिए अतिरिक्त समय मांगा था. सरकार ने सहयोग का भरोसा दिया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि कानून का पालन अनिवार्य होगा. बैंकों और ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स को अब ऐसे लेन-देन पर नजर रखनी होगी, जो इन गेम्स से जुड़े हों, ताकि कोई भी नियमों से बच न सके. यह कदम डिजिटल लेन-देन में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा.

कानून की जरूरत

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन मनी गेम्स ने देश में गंभीर समस्या पैदा की है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 45 करोड़ लोग इन गेम्स की चपेट में हैं, जिन्होंने पिछले एक साल में 20,000 करोड़ रुपये गंवाए. खासकर युवा, बच्चे और बेरोजगार इनके शिकार बने, जिससे कर्ज और पारिवारिक विघटन जैसी समस्याएं बढ़ीं. सरकार का यह कानून इन नुकसानों को रोकने और समाज को वित्तीय तबाही से बचाने का एक ठोस प्रयास है. यह कदम विशेष रूप से कमजोर वर्गों को संरक्षण देगा.

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