UP Labor Welfare Schemes: उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बना दिया है. अब श्रमिक सिर्फ आधार कार्ड और 90 दिन काम करने के प्रमाण के आधार पर आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दे रहा है, ताकि उन्हें सीधे लाभ मिल सके.
कई सरकारी योजनाओं का मिलेगा फायदा
पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों को पेंशन, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, कौशल विकास और कन्या विवाह जैसी कई योजनाओं का लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा मातृत्व सहायता, स्वास्थ्य योजनाएं और शिक्षा प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.
पैसे मांगने वालों की करें शिकायत
अगर कोई व्यक्ति योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805412 पर की जा सकती है. सरकार ने साफ कहा है कि योजनाओं का लाभ पूरी तरह पारदर्शी तरीके से दिया जाएगा.
लाखों श्रमिक पहले ही करा चुके हैं पंजीयन
प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 71 लाख से ज्यादा निर्माण श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है. वहीं 4 लाख 66 हजार से ज्यादा निर्माण स्थलों को भी पंजीकृत किया गया है. फिर भी जानकारी की कमी के कारण कई श्रमिक अभी तक योजनाओं से नहीं जुड़ पाए हैं.
कैंप लगाकर भी हो रहा पंजीयन
श्रम विभाग अब लेबर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बना रहा है. इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर विशेष कैंप लगाकर भी पंजीयन कराया जा रहा है.
कौन करा सकता है पंजीयन?
18 से 60 साल तक के ऐसे निर्माण श्रमिक, जिन्होंने पिछले एक साल में कम से कम 90 दिन काम किया हो, वे पंजीयन के लिए पात्र होंगे. आधार कार्ड के जरिए उनका रजिस्ट्रेशन आसानी से किया जाएगा.
बच्चों की पढ़ाई पर भी जोर
प्रदेश के 18 मंडलों में चल रहे अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के करीब 11 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक और उनके परिवार इन योजनाओं का लाभ उठा सकें.
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